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मैहर - संस्कृति विभाग के तत्वावधान में शास्त्रीय गायन की तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मैहर - संस्कृति विभाग के तत्वावधान में शास्त्रीय गायन की तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

मैहर में तीन दिवसीय शास्त्रीय गायन कार्यशाला संपन्न

युवाओं ने सीखी राग यमन भैरवी की बंदिशें पंडित सुनील मसूरकर ने राग मधुवंती प्रस्तुत किया

कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित

मैहर में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में आयोजित शास्त्रीय गायन की तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। मैहर संगीत महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों और युवाओं ने शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों को राग यमन, भैरवी और भीमपलासी की बंदिशें तथा गायन में 12 स्वरों के प्रयोग की जानकारी दी गई। वरिष्ठ गायन कलाकार पंडित सुनील मसूरकर ने राग मधुवंती में मध्यलय तीनताल की बंदिश और तराना प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन ‘याद पिया की आए’ ठुमरी से हुआ। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

--- बाइट- श्रीकांत चतुर्वेदी विधायक मैहर बाइट

बाइट- भरत नायक, प्राचार्य, संगीत महाविद्यालय, मैहर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।