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'मैं कांपने लगी...' रजनीकांत के सामने 'जेलर 2' के स्मोकिंग सीन में छूटे विद्या बालन के पसीने, डायरेक्टर के भी उड़े होश

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'मैं कांपने लगी...' रजनीकांत के सामने 'जेलर 2' के स्मोकिंग सीन में छूटे विद्या बालन के पसीने, डायरेक्टर के भी उड़े होश

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत जल्द ही फिल्म 'जेलर 2' में नजर आने वाले हैं. इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन भी एक मजबूत और दमदार किरदार में दिखाई देंगी.

रिलीज से ठीक एक्ट्रेस ने 'जेलर 2' सुपर शो के वक्त रजनीकांत और टीम के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस शेयर किए. इस दौरान उन्होंने उस सीन को याद किया जिसमें वो घबरा गई थीं.

विद्या बालन कर रहीं तमिल डेब्यू

जेलर 2 के जरिए विद्या बालन अपना तमिल डेब्यू कर रही हैं.

इस फिल्म को नेल्सन दिलीप कुमार ने डायरेक्ट किया है.

मूवी में रजनीकांत और विद्या के अलावा राम्या कृष्णन, एसजे सूर्या और सूरज वेंजारामूडु जैसे कलाकार भी नजर आएंगे. इसमें विद्या 'कांथा कल्पक' नाम का रोल प्ले रही हैं.

स्मोकिंग सीन में घबराईं एक्ट्रेस

'जेलर 2' सुपर शो के दौरान डायरेक्टर नेल्सन और विद्या ने स्मोकिंग वाले सीन को याद किया.

पहले डायरेक्टर ने कहा, 'मैंने मॉनिटर पर देखा था कि उनकी आवाज और उनके हाथ कांप रहे थे.

फिर उनकी आंखों में सिगरेट का धुंआ जा रहा था.' फिर विद्या ने भी माना कि सिगरेट वाले सीन में वो कांपने लगी थीं जबकि सेट पर रजनीकांत भी मौजूद थे.

नेल्सन आगे कहते हैं, 'विद्या ने मुझसे कहा, 'मैं कुछ नहीं कर रही हूं, सिगरेट खुद ही कांप रही है.'

तमिल भाषा को लेकर भी हुई विद्या को दिक्कत

विद्या बालन को तमिल भाषा का नॉलेज ना होने के कारण भी समस्या का सामना करना पड़ा.

मूल रूप से तमिल में बनी जेलर 2 की शूटिंग के वक्त विद्या सेट पर एक दम चुपचाप रहती थीं. उन्होंने कहा, 'जब तक शॉट पूरा नहीं हो जाता था मैं किसी से बात नहीं करती थी.'

रजनीकांत ने की विद्या बालन की तारीफ

आगे रजनीकांत ने जेलर 2 के सुपर शो में विद्या के बारे में बात करते हुए उन्हें मासूम, खूबसूरत महिला और बेहतरीन कलाकार बताया.

दिग्गज एक्टर ने एक्ट्रेस के साथ एक पूरी फिल्म करने की इच्छा जाहिर की. जेलर 2 वर्ल्डवाइड

📡 स्रोत: ABP Live Film

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रजनीकांत और विद्या बालन के अनुभव से हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी परिस्थिति में धैर्य और सहयोग से संघर्षों का समाधान संभव है। जब कठिन क्षण आए, तो खुलकर बात करें, सहकर्मियों से सहायता माँगें, और पेशेवर माहौल बनाए रखें। इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है, बल्कि मनोबल भी सुदृढ़ होता है।

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