'मैं प्रतिबद्ध हूं लेकिन..', बांग्लादेश लौटने के सवाल पर क्या बोलीं शेख हसीना?
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वापस अपने देश लौटने को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब दिया है.
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने किसी तरह से पर्दे के पीछे भारत और बांग्लादेश की सरकार से वापस लौटने को लेकर चर्चा की है? अगर हुई है तो किस तरह की चर्चा हुई है. आप अपने देश लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं?
इस पर शेक हसीना ने NDTV को बताया, 'मुझे यहां अपने अपनी बात रखने का मौका दिया, उसके लिए शुक्रिया. मैं 2026 में अपने वतन लौटने के लिए प्रतिबद्ध हूं.
मैं बांग्लादेश की गौरवपूर्ण नागरिक हूं और सबसे ज्यादा सेवा देने वाली प्रधानमंत्री रही हूं. मैंने अपना योगदान देश को समर्पित किया है. अपने लोगों की भलाई के लिए उनकी समस्याओं को सुलझाया है.
आर्थिक स्थिति को बेहतर किया है.'
बांग्लादेश में ऐसा कानून नहीं जो मुझे लौटने से रोके: हसीना
हसीना ने कहा, 'मैं यकीन करती हूं, कि मुझे मेरे देश लौटना एक अधिकार है. बांग्लादेश में कोई ऐसा कानून नहीं है, जो मुझे रोके.
हालांकि, कुछ लोगों ने मेरी साख को नुकसान पहुंचाया है, यह कहकर मैं देश छोड़कर भाग गई हूं.
मैं खुले तौर पर ऐलान करना चाहती हूं, कि मैं अपने वतन लौटना चाहती हूं, अपने लोगों के पास लौटना चाहती हूं.'
उन्होंने कहा, 'मेरे बांग्लादेश लौटने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, ऐसे में कहना चाहूंगी कि मेरी प्राथमिकता साफ है, कि यह शांतिपूर्ण, कानूनी आधार और पूरी तरह से बांग्लादेश की संप्रभुता और कानूनी राज के तहत हो.
सवाल यह है कि मेरे लौटने को किस तरह से किया जाएगा, जो हमारे देश और वहां के लोगों के हित में हो.'
फांसी की सजा पर क्या बोलीं शेख हसीना?
इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेश की ट्रिब्यूनल कोर्ट की तरफ से फांसी की सजा दिए जाने के सवाल पर कहा, 'आपको पता होगा, कि मेरी पूरी जिंदगी कानूनी सिद्धांतों को मानने, उन्हें लागू करने और न्याय सुनिश्चित करने को लेकर रही है.
इस प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रमाण मेरे पिता औ
📡 स्रोत: ABP Live