माल्या बोले- ब्रिटेन छोड़ने पर रोक, भारत कैसे लौटूं:बैंकों को 14000 करोड़ लौटाए, फिर भी भगोड़ा कहते हैं; सोचता हूं कॉकरोच बन जाऊं
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लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात फिर भारत सरकार पर अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं। माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में उनसे 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली की बात मानी है।
उनके मुताबिक, यह रकम उन बैंकों को दी गई, जिनका पैसा उन पर बकाया था। उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ हो रहे अन्याय को देखें, तो उन्हें लगता है कि कॉकरोच बन जाना चाहिए। मंगलवार को भी माल्या ने खुद को भगोड़ा मानने से इनकार किया था। माल्या ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए। इनमें उन्होंने हाल के CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि उनके साथ अब भी अन्याय हो रहा है।
उन्होंने लिखा, “मेरे साथ हुए और अब भी जारी सभी अन्याय को देखते हुए, मैं सोचता हूं कि क्या मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच की दुनिया में बेहतर जिंदगी हो।” माल्या का दावा- माल्या ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ED ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनसे 14,000 करोड़ रुपए वसूलकर बैंकों को दिए गए।
उन्होंने कहा, “मैं फिर कहना चाहता हूं कि सबसे खतरनाक मानी जाने वाली आपराधिक एजेंसी ED ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पुष्टि की है कि उसने 2021 में बैंकों को 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए। अगर आप मेरी बात पर भरोसा नहीं करते, तो उसे भूल जाइए। ED ने जो कहा है, उस पर ध्यान दीजिए।” माल्या ने मंगलवार की अपनी पोस्ट का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा था कि वह भगोड़े नहीं हैं और ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने उन्हें भारत लौटने से रोक रखा है। उन्होंने कहा कि बैंकों को पैसा लौटाना उनकी भारत में शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर नहीं है। माल्या ने लिखा, “मेरी पोस्ट पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद। प्यार और नफरत साथ-साथ चलते हैं।
मैं आपकी राय को सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग स्थायी निवास और नागरिकता का अंतर नहीं समझते, और जो मानते हैं कि पैसा लौटाना शारीरिक मौजूदगी पर निर्भर है, उन्हें फिर से सोचना चाहिए।” ब्रिटेन से बाहर जाने पर रोक का दावा माल्या ने मंगलवार को कहा था कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
माल्या नामक ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय व्यापारी ने लंदन में एक बयान देते हुए कहा कि ब्रिटेन छोड़ने पर रोक के कारण वह भारत नहीं लौट पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे के तहत उनसे 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की बात मान ली है, जिसे उन्होंने बैंकों को लौटाया है। यह विषय भारतीय व्यापारिक समुदाय और न्यायिक प्रक्रियाओं के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि विदेशी न्यायालयों में चल रही कानूनी जाँ