मां ने हाथ में थमाई किताब, फिर ऐसा चढ़ा पढ़ने का जुनून कि पढ़ डालीं 10 हजार से ज्यादा किताबें

शरद जैन बताते हैं कि किताबें पढ़ने का शौक उन्हें बचपन में ही लग गया था। जब वह प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ते थे, तभी उनके अंदर किताब पढ़ने की रुचि जागी.इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी मां थीं. उनकी मां को भी किताबें पढ़ने का काफी शौक था.
वह उन्हें धार्मिक और महापुरुषों के जीवन से जुड़ी किताबें पढ़ने के लिए दिया करती थीं.शरद बताते हैं कि वहीं से किताबें पढ़ने का ऐसा चस्का लगा कि आज तक नहीं छूटा.
📡 स्रोत: News18 Hindi MP