मानदेय बढ़ने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नाराज:कहा- हम योजनाओं की रीढ़ हैं, काम के हिसाब से और मानदेय चाहिए
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रामपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ने के बाद भी अपनी मांगें जारी रखी हैं। बुधवार दोपहर करीब दो बजे उन्होंने डॉ.
भीमराव आंबेडकर पार्क में बैठक की। कार्यकर्ताओं ने अपने काम के हिसाब से सम्मानजनक मानदेय देने की मांग उठाई। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने का एलान किया है। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं से जुड़ी सेवाएं दी जाती हैं। साथ ही कई सरकारी योजनाओं का काम भी वे करती हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की कई योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। उन्हें सरकार की योजनाओं की जमीनी कड़ी और रीढ़ की हड्डी माना जाता है।
इसके बावजूद, काम और जिम्मेदारियों के मुकाबले मिलने वाला मानदेय काफी नहीं है। बैठक में कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि मानदेय बढ़ाने का फैसला हुआ है। लेकिन उनकी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने काम के बोझ और जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय में और बढ़ोतरी की मांग की। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
उन्होंने कहा कि वे अपनी मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेंगी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी बड़ी भूमिका है। इसलिए सरकार को उनकी आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। आंगनबाड़ी यूनियन की जिला अध्यक्ष मिथिलेश चौधरी, सीमा राठौर, सुषमा ठाकुर कमलेश, समीना, कल्पना, तराना और आसिया निर्मला समेत करीब 50 कार्यकर्ता डॉ.
भीमराव आंबेडकर पार्क में 2 घंटे तक बैठीं। उन्होंने सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर रणनीति बनाई। यूनियन ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की यह लड़ाई सरकार से जारी रहेगी।
📡 स्रोत: NewsData.io