मानधन योजनाओं से 9382 श्रमिक और छोटे कारोबारी जुड़े, 60 की उम्र के बाद मिलेगी 3000 रुपये पेंशन

सुल्तानपुर। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे कारोबारियों के बुढ़ापे की चिंता दूर करने के लिए संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना से जिले के 9382 लोग जुड़ चुके हैं।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद न्यूनतम 3000 रुपये मासिक पेंशन आजीवन देने का प्रावधान है।सहायक श्रमायुक्त मधुबन राम के अनुसार, असंगठित कर्मकार, स्व-रोजगार करने वाले और छोटे व्यापारी इन योजनाओं के पात्र हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य ऐसे कामगारों को वृद्धावस्था में नियमित आय का सहारा उपलब्ध कराना है, जिन्हें संगठित क्षेत्र की तरह पेंशन या सामाजिक सुरक्षा की सुविधा नहीं मिलती।उम्र के अनुसार 55 से 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान योजना में शामिल होने वाले लाभार्थी को उम्र के अनुसार 55 से 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान करना होता है।
लाभार्थी के अंशदान के बराबर राशि केंद्र सरकार भी योगदान के रूप में जमा करती है।
नियमित रूप से छोटी राशि जमा कर श्रमिक और छोटे कारोबारी अपने बुढ़ापे के लिए पेंशन की व्यवस्था कर सकते हैं।योजना में पेंशनधारी की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी को न्यूनतम 1500 रुपये मासिक पेंशन देने का भी प्रावधान है।18 से 40 वर्ष तक करा सकते हैं पंजीकरण मानधन योजनाओं में 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच पंजीकरण कराया जा सकता है।
लाभार्थी किसी अन्य सरकारी पेंशन या सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा उसका ईपीएस, ईएसआईसी या एनपीएस का सदस्य और आयकरदाता होना भी जरूरी है। जिले में अब तक 9382 असंगठित कर्मकार और छोटे व्यापारी इन योजनाओं से जुड़ चुके हैं।
विभाग की ओर से पात्र श्रमिकों और छोटे कारोबारियों को योजनाओं की जानकारी देने और अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।