जब मंदाकिनी का स्टारडम देख हिल गए राजीव कपूर, पिता से की थी फिल्म बनाने की जिद

Rajiv Kapoor Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा में कपूर परिवार का शुरू से ही दबदबा रहा है. कपूर परिवार ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक सितारें दिए हैं. गुजरे दौर से लेकर अब तक कई नाम चर्चा में रहे.
राज कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर से लेकर करिश्मा कपूर, फिर करीना कपूर और रणबीर कपूर तक इन सलेब्स ने खूब नाम कमाया. हालांकि कपूर खानदान के कई सेलेब्स फेम के लिए तरसते भी रहे. दिवंगत एक्टर राजीव कपूर के साथ भी ऐसा ही हुआ था.
बता दें कि राजीव कपूर 'शोमैन' कहे जाने वाले राज कपूर साहब के सबसे छोटे बेटे थे. उनके तीन बेटे रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर हुए. रणधीर को थोड़ी बहुत पहचान मिली. ऋषि कपूर सुपरस्टार कहलाए. जबकि लोकप्रियता और सफलता के मामले में राजीव कपूर अनलकी रहे.
वो 41 साल पुरानी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से चर्चा में आए थे, लेकिन उनका मानना था कि इसने ज्यादा पॉपुलैरिटी मंदाकिनी को दिलाई है. इसके बाद उन्होंने पिता से एक अन्य फिल्म बनाने की जिद की थी.
हालांकि पिता ने उनकी बात नहीं मानी और उनके पिता राज कपूर के साथ रिश्ते बिगड़ गए थे. 1983 में किया था डेब्यू राजीव कपूर अब इस दुनिया में नहीं है. उनकी आज बर्थ एनिवर्सरी है.
राज कपूर के सबसे छोटे बेटे और रणधीर कपूर एवं ऋषि कपूर के छोटे भाई राजीव कपूर का जन्म 25 अगस्त 1962 को मुंबई में हुआ था. 21 साल की उम्र में उन्होंने बतौर एक्टर अपनी शुरुआत 'एक जान हैं हम' से की थी. ये फिल्म साल 1983 में रिलीज हुई थी.
ये भी पढ़ें: कौन है वो एक्ट्रेस, जिससे 62 की उम्र में दूसरी शादी का प्लान बना रहे हैं गोविंदा 'राम तेरी गंगा मैली' ने दिलाया फेम राजीव कपूर के करियर की एक मात्र बड़ी हिट फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' थी.
साल 1985 में आई इस म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म का डायरेक्शन राजीव के पिता राज कपूर ने किया था. इसमें उनके अपोजिट मंदाकिनी ने अहम किरदार निभाया था. फिल्म टिकट खिड़की पर ब्लॉकबस्टर निकली थी. राजीव कपूर इस फिल्म के बाद चर्चा में आ गए थे और मंदाकिनी भी रातोंरात स्टार बन गई थीं. मंदाकिनी का स्टारडम देख हिल गए थे राजीव
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि राम तेरी गंगा मैली ने मंदाकिनी को गजब का स्टारडम दिला दिया था. सभी का मानना था कि राजीव से ज्यादा लोकप्रियता इस फिल्म ने मंदाकिनी को दिलाई थी. राजीव खुद भी ये बात मानते थे.
उनका सोचना था कि इस फिल्म में वो मंदाकिनी की परछाई में छिप गए थे और उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई. पिता से की थी दूसरी फिल्म बनाने की जिद, हो गई थी अनबन
राम तेरी गंगा मैली की सक्सेस के बाद राजीव ने अपने पिता राज कपूर से रिक्वेस्ट की थी कि वो उन्हें लीड हीरो के रूप में लेकर एक और फिल्म बनाए. हालांकि राज कपूर को अपने सबसे छोटे बेटे का आइडिया पसंद नहीं आया था.
उन्होंने साफ-साफ़ मना कर दिया. इसके चलते पिता और बेटी के बीच अनबन पैदा हो गई थी. ये अनबन राज कपूर के निधन के बाद भी दिखाई दी. बताया जाता है कि राजीव अपने पिता से इस कदर नाराज थे कि वो पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे. बतौर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर भी किया काम
बतौर एक्टर राजीव कपूर ने 'लवर ब्वॉय', 'हम तो चले परदेस', 'नाग नागिन', 'अंगारे' और 'शुक्रिया जैसी फिल्मों में भी काम किया था. एक्टिंग के अलावा उन्होंने फिल्ममेकिंग में भी हाथ आजमाया था, हालांकि यहां भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई.
उन्होंने साल 1996 की फिल्म 'प्रेम ग्रंथ' का डायरेक्शन किया था, जिसमें उनके बड़े भाई ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में थे. जबकि साल 1999 की फिल्म 'आ अब लौट चलें' के वो प्रोड्यूसर थे.
इसमें लीड रोल ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना ने निभाया था. 2001 में शादी, 2003 में तलाक राजीव कपूर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो दिवंगत एक्टर की शादी आरती सभरवाल से साल 2001 में हुई थी. हालांकि साल 2003 में ही दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. इसके बाद राजीव ने दूसरी बार घर नहीं बसाया.
ये भी पढ़ें: 'रणबीर कपूर से बेहतर', 'रामायण' में यश के 'रावण' लुक पर फिदा हुए हनी सिंह कम उम्र में छोड़ी दुनिया राजीव ने कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था. उनका 9 फरवरी 2021 को मुंबई में 58 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया था.
उन्हें परिवार के लोग मुंबई के इनलाक्स हॉस्पिटल ले गए थे, लेकिन एक्टर को बचाया नहीं जा सका.
📡 स्रोत: NewsData.io