अपराध

मंदसौर में साइबर फ्रॉड गैंग के छह सदस्य गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मंदसौर में साइबर फ्रॉड गैंग के छह सदस्य गिरफ्तार

मैट्रिमोनियल साइट पर NRI बनकर करते थे संपर्क

कस्टम अधिकारी बनकर डराते और महंगे पार्सल के नाम पर ठगते थे रकम

मंदसौर, अक्टूबर 01: जिले की शामगढ़ पुलिस ने साइबर फ्रॉड गैंग के छह सदस्यों को जयपुर के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गैंग मैट्रिमोनियल साइट के जरिए खुद को एन.आर.आई बताकर महिलाओं से संपर्क करता था। इसके बाद कस्टम या सेल्स टैक्स अधिकारी बनकर ड्रग्स केस में फंसाने का डर दिखाकर रकम ऐंठता था। विदेश से महंगे पार्सल और गिफ्ट भेजने के नाम पर कस्टम ड्यूटी की राशि भी जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, चार महीने में गैंग ने देशभर में 100 से अधिक वारदातों में करीब 11 करोड़ रुपये की ठगी की। मंदसौर में एक पीड़िता से 12 किस्तों में आठ लाख रुपये ऐंठे गए।

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बाइट विनोद कुमार मीणा पुलिस अधीक्षक मंदसौर

बाइट निमिष अग्रवाल डीआईजी रतलाम रेंज रतलाम

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

साइबर धोखाधड़ी के इस मामले से हमें यह सिखने को मिलता है कि आज की डिजिटल दुनिया में पहचान और विश्वास दोनों ही नाजुक हैं। जब कोई व्यक्ति ऑनलाइन अपनी पहचान बदल कर दूसरों को धोखा देता है, तो वह न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाता है बल्कि भावनात्मक आघात भी छोड़ता है। समाज को चाहिए कि हम डिजिटल साक्षरता बढ़ाएँ, शंकास्पद व्यवहार पर सतर्क रहें और कानूनी मार्ग अपनाएँ। इस तरह हम एक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।