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मंदसौर में UCC के विरोध में महक शाह की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय महिला प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

मंदसौर। विधायक आरिफ मसूद साहब और मुफ्ती जुनैद साहब की पहल पर मुस्लिम युवा पीढ़ी एवं महिलाओं (Gen Z) सहित 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महक शाह की अध्यक्षता में मंदसौर कलेक्टर महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) कानून का कड़ा विरोध करते हुए इसे लागू न करने की दरखास्त की। प्रतिनिधिमंडल में मुस्लिम समाज की युवा पीढ़ी और महिलाओं की भागीदारी भी रही।

ज्ञापन में मुख्य रूप से उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26 एवं 29 को प्रभावित करता है। प्रतिनिधिमंडल ने इन संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए UCC को लेकर अपनी चिंताओं और आपत्तियों को प्रशासन के समक्ष रखा।

महक शाह की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस कानून के क्रियान्वयन से संवैधानिक मूल्यों को खतरा है। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित कानून को तत्काल रोकने की दरखास्त की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखते हुए राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन को उचित माध्यम से आगे भेजने का अनुरोध किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मंदसौर में मुस्लिम युवा और महिलाएँ, महक शाह के नेतृत्व में, समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। UCC एक भारतीय संविधान संशोधन प्रस्ताव है, जिसे कई समुदायों ने धर्मनिरपेक्षता और समानता के आधार पर समर्थन किया है, पर कुछ मुस्लिम समूह इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरा मानते हैं। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि युवा पीढ़ी और महिलाएँ भी नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यदि UCC को लागू किया जाता है तो यह धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।