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मंडी: जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में जीता रजत, रचा इतिहास

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मंडी: जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में जीता रजत, रचा इतिहास

मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर से ताल्लुक रखने वाले धावक सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन स्पर्धा में सावन ने रजत पदक अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि के साथ ही भारत का पुरुष मैराथन में 44 साल का पदक इंतजार भी खत्म हो गया है।

सावन ने 42 दशमलव 195 किलोमीटर की दौड़ 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। सावन बरवाल पूरी रेस के दौरान अग्रणी धावकों में शामिल रहे। उन्होंने 21 किलोमीटर के पड़ाव के बाद भी अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी और 35 किलोमीटर तक पदक की दौड़ में बने रहे। अंतिम चरण में जापान के इचिटाका यामाशिता ने बढ़त बनाई और स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि सावन ने रजत पदक हासिल किया।

चीन के पेइयू फेंग ने कांस्य पदक जीता। सावन के रजत पदक के साथ एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में भारत को 1982 के बाद पहली बार पदक मिला है। वह एशियाई खेलों के इतिहास में मैराथन पदक जीतने वाले भारत के चौथे पुरुष धावक बन गए हैं। इससे पहले भारत ने इस स्पर्धा में 1951 और 1982 में पदक जीते थे।

सावन ने इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर शिवनाथ सिंह का 1978 से कायम राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। एशियाई खेलों में 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड के प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड और बेहतर कर दिया है। सावन बरवाल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जोगिंद्रनगर और मंडी जिले में खुशी का माहौल है।

उनके पहले खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने भी सावन की कामयाबी पर खुशी जताई है। सावन की उपलब्धि ने हिमाचल के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी एक नया अध्याय जोड़ा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।