मंडला- कान्हा टाइगर रिजर्व में आयोजित हुआ ‘बाघिन दीदी’ सम्मेलन, 26 इको विकास समितियों की 40 महिलाओं ने की सहभागिता
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कान्हा टाइगर रिजर्व में अब जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने के लिए ग्रामीण महिलाओं को भी संगठित किया जा रहा है। इसी पहल के तहत मोतीनाला परिक्षेत्र में ‘बाघिन दीदी’ सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें 26 इको विकास समितियों से जुड़ी 40 महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। सम्मेलन में महिलाओं ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
दरअसल, शुक्रवार 6 नवंबर को कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन वनमंडल अंतर्गत मोतीनाला परिक्षेत्र की इको विकास समिति मनोरी द्वारा निर्मित कान्हा बाल उद्यान में यह आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को वन संरक्षण से जोड़ना और जंगलों की सुरक्षा में उनकी भूमिका को मजबूत करना था।
इस दौरान महिलाओं को अवैध कटाई रोकने, वन्यजीवों की सुरक्षा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने प्रत्येक गांव से महिलाओं को ‘बाघिन दीदी’ संगठन से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि संरक्षण की गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।
सम्मेलन में जागरूकता के साथ मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। महिलाओं ने फूलों से रंगोली बनाई, झाड़ू और पत्तल निर्माण किया। इसके अलावा मटकी और झूमर सजावट, बाघ, तेंदुआ और बारहसिंगा पर आधारित खेलों के साथ कुर्सी दौड़ में भी उत्साह से हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न स्वरूप सामग्री दी गई।
इस सम्मेलन के जरिए वन विभाग ने ग्रामीण महिलाओं को वन और वन्यजीव संरक्षण की मुहिम से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की है।
-------- बाइट 01- रवींद्र मणि त्रिपाठी, फील्ड डायरेक्टर, कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला
बाइट 02- पूनम मरावी, बाघिन दीदी ----- • कान्हा टाइगर रिजर्व के मोतीनाला परिक्षेत्र में आयोजित हुआ ‘बाघिन दीदी’ सम्मेलन।
• 26 इको विकास समितियों की 40 महिलाओं और युवतियों ने की सहभागिता।
• जंगलों की सुरक्षा, अवैध कटाई रोकने और वन्यजीव संरक्षण का लिया संकल्प।
• रंगोली, पत्तल निर्माण, सजावट और वन्यजीवों पर आधारित खेलों में लिया हिस्सा।
• गांव-गांव में महिलाओं को ‘बाघिन दीदी’ संगठन से जोड़कर संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल।
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💡 पृष्ठभूमि (Background)
कान्हा टाइगर रिजर्व में ‘बाघिन दीदी’ सम्मेलन के तहत 26 इको विकास समितियों की 40 महिलाओं ने भाग लिया, जिससे वन्यजीव संरक्षण में ग्रामीण महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है। यह विषय महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रकृति संरक्षण के संगम को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि स्थानीय महिलाएं अब वन संरक्षण में सक्रिय रूप से जुड़ रही हैं, जिससे वन्यजीवों की रक्षा और पारिस्थितिकी संतुलन में सुधार संभव हो रहा है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है: यह समाज में पर्यावरण जागरूकता फैलाता है, रोजगार के अ