मंगलुरु का रेल इलाका 3 की बजाय एक जोन में होगा तब्दील, रेलवे का बड़ा फैसला
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मंगलुरु में ट्रेनों के संचालन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए अब रेलवे बड़ा बदलाव करने जा रहा है.
अब मंगलुरु के पूरे रेल क्षेत्र को दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) के तहत लाने की तैयारी है.
अभी मंगलुरु का रेल क्षेत्र तीन जोनों में बंटा हुआ है, जिससे ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि मंगलुरु, दक्षिण रेलवे, दक्षिण पश्चिम रेलवे और कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (KRCL) में बंटा हुआ है.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केरलम के सांसदों के साथ बैठक की और मंगलुरु के रेल संचालन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की.
उन्होंने कहा कि मंगलुरु का इलाका तीन अलग-अलग रेलवे क्षेत्रों में बंटा होने की वजह से ट्रेन चलाने में कई तरह की परेशानियां आ रही थीं.
रेलवे के मुताबिक, गोवा या हासन की तरफ से आने वाली ट्रेनें मंगलुरु पहुंचने से पहले अलग-अलग रेलवे क्षेत्रों और इंटरचेंज प्वाइंट्स से होकर गुजरती हैं.
इससे कई बार ट्रेनों को आगे बढ़ाने में देरी होती है.
साथ ही ट्रैक पर भीड़ और अलग-अलग रेलवे जोन के बीच तालमेल की समस्या भी सामने आती है.
इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए रेलवे ने मंगलुरु के रेल क्षेत्र को एक ही जोन के तहत लाने का फैसला किया गया है.
इसके तहत पूरा मंगलुरु क्षेत्र दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसूर मंडल में आएगा.
रेल मंत्रालय का कहना है कि एक ही रेलवे जोन के तहत आने से अलग-अलग जोन के बीच ट्रेन के इंटरचेंज की समस्या कम होगी.
इससे ट्रेनों का संचालन ज्यादा बेहतर तरीके से होगा और समय की भी बचत होगी.
रेलवे के मुताबिक, यह बदलाव प्रशासनिक वजहों से नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन को आसान और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है.़
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मंगलुरु के रेल क्षेत्र को तीन अलग-अलग जोनों से हटाकर एक ही जोन बनाने का निर्णय लिया गया है, जिससे संचालन में आ रही जटिलताएँ समाप्त होंगी। यह कदम दक्षिण पश्चिम रेलवे के तहत पूरी क्षेत्र को लाने के साथ जुड़ा है, ताकि ट्रेनों के प्रबंधन और रखरखाव में एकरूपता और दक्षता बढ़े। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान तीन-जोनों के कारण ट्रेन शेड्यूल, टिकटिंग और आपूर्ति श्रृंखला में लगातार देरी और भ्रम पैदा हो रहा है। एकल जोन से यात्रियों को समय पर ट्रेन पहुँच, बेहतर सुविधा और कम विलंब का लाभ मिलेगा, जिससे