मणिपुर के कांगपोकपी-कामजोंग जिलों में 24 घंटे का कर्फ्यू लागू:बाजार बंद, फोर्स तैनात; एक दिन पहले 10 लोगों की मौत हुई थी
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मणिपुर के कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में नगा और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 10 लोगों की मौत के बाद रविवार को भारी तनाव रहा। यहां 24 घंटे का कर्फ्यू लागू रहा, जिसके चलते बाजार बंद रहे। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ, असम राइफल्स, कोबरा बटालियन और मणिपुर पुलिस कमांडो की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उपद्रवियों को पकड़ने के लिए माकुई अशांग, तपोन और चसाड जैसे अति-संवेदनशील इलाकों में घर-घर तलाशी ली जा रही है। फरवरी में मणिपुर में दोबारा शुरू हुई हिंसा की घटनाओं से लेकर अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा की घटनाएं उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी के साथ-साथ सेनापति के कुछ हिस्सों में भी हुई हैं।
17 दिन में दो बार आए बाहरी उग्रवादी सीमावर्ती गांव के निवासी डेविड जॉन्सन ने बताया, हम कल से घरों में कैद हैं। बाहर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं, फिर भी पूरी रात गोलियां चलती रहीं। सुबह भी बफर जोन के गांवों में गोलीबारी हुई। इतनी फोर्स के बावजूद उग्रवादी आसानी से आकर बस्तियां जला रहे हैं।
पिलोंग में 24 सितंबर को तांगखुल नगा समुदाय के लोगों की हत्या के मामले में कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा और म्यांमार स्थित पीडीएफ गुटों का नाम सामने आया। शनिवार को सीमा स्तंभ 102 के पास चसाड में केएनए-बी के तीन उग्रवादी मारे गए। 2021 में म्यांमार में हुए तख्तापलट के बाद से उग्रवादी भारत में घुसकर हमले कर रहे हैं।
नगा-कुकी संघर्ष पहले उखरुल जिले तक सीमित था, लेकिन अब कांगपोकपी, सेनापति, तामेंगलांग और कामजोंग जिलों तक फैल चुका है। इन इलाकों में नगा और कुकी समुदाय के लोग साथ रहते हैं। हालांकि, अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उग्रवादियों को पनाह देने और इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने का आरोप लगा रहे हैं।
उपद्रवियों ने कुकी और नगा समुदायों के 14 घर जला दिए उपद्रवियों ने शनिवार को चसाड थाने में भी आग लगाने की कोशिश की। कुकी और नगा समुदायों के 14 घर जला दिए गए। मृतकों में 6 नगा, 3 कुकी और एक नेपाली शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, चसाड थाने के पास अवैध बंकरों के निर्माण की सूचना मिलने पर अभियान चलाया गया था।
महिलाओं ने निर्माण रोकने की कोशिश की, जिसके बाद अज्ञात हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी की। इसमें 42 साल की एक म
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मणिपुर के कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पों के बाद 24 घंटे का कर्फ्यू लागू किया गया। यह कदम 10 लोगों की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव कम करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उठाया गया। कर्फ्यू से बाजार बंद, परिवहन सीमित, और सैनिकों की तैनाती ने नागरिकों की दिनचर्या पर असर डाला। इससे स्थानीय लोगों को अस्थायी असुविधा, आर्थिक गतिविधियों में गिरावट, और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने की संभावना है।