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मंत्री शाह पर केस की परमिशन नहीं देगी MP सरकार:अफसरों को बाहर निकालकर कैबिनेट का फैसला; कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मंत्री शाह पर केस की परमिशन नहीं देगी MP सरकार:अफसरों को बाहर निकालकर कैबिनेट का फैसला; कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था

मध्य प्रदेश सरकार कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान के मामले में मंत्री विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति नहीं देगी। सूत्रों के मुताबिक, ये फैसला मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है। इस मुद्दे पर चर्चा के समय खुद मंत्री शाह भी बैठक में मौजूद थे।

कैबिनेट की बैठक में अभियोजन स्वीकृति नहीं दिए जाने के पीछे यह तर्क दिया गया कि शाह इस बयान पर कई बार सार्वजनिक माफी मांग चुके हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इसके उलट बैठक की ब्रीफिंग देते वक्त मंत्री राकेश सिंह ने इस मामले में चर्चा का कोई एजेंडा होने से ही इनकार कर दिया।

इसी मामले में 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय है। इससे पहले राज्य सरकार अपना रुख एफिडेविट के जरिए कोर्ट के सामने रखेगी। मंगलवार को जब मंत्री विजय शाह के मामले में कैबिनेट बैठक में चर्चा शुरू हुई तो सभी अधिकारियों को बाहर जाने के लिए कहा गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला और विधि विभाग के सचिव की मौजूदगी में इस विषय पर चर्चा कर निर्णय लिया गया। SIT ने केस चलाने की अनुमति मांगी थी मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी का मामला लंबे समय से लटका है।

जांच के लिए बनाई गई एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत केस चलाने की अनुमति मांगी है। 19 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया था कि एसआईटी जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट दे चुकी है, लेकिन केस चलाने की मंजूरी का मामला राज्य सरकार के पास लंबित है।

कोर्ट ने सरकार को फैसला लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। कोर्ट ने विजय शाह की माफी पर कहा था- माफी मांगने में काफी देर हो चुकी है। मई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पुराने निर्देशों का पालन करने और चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा था।

इसके बावजूद 23 जुलाई की सुप्रीम कोर्ट की ऑफिस रिपोर्ट में सामने आया कि सरकार की तरफ से अब तक कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया गया था। अब 31 अगस्त की सुनवाई से पहले एफिडेविट के जरिए सरकार अपना रुख स्पष्ट करेगी।

मंत्री शाह ने महू में दिया था बयान जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव मे

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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