राजनीति

मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर दो दिवसीय राजकीय शोक, हरसिंहरायडीह उसरी नदी शमशान घाट में आज अंत्येष्टि

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर दो दिवसीय राजकीय शोक, हरसिंहरायडीह उसरी नदी शमशान घाट में आज अंत्येष्टि

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Synopsis: मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर दो दिवसीय राजकीय शोक, हरसिंहरायडीह उसरी नदी शमशान घाट में आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर होगी अंत्येष्टि।

Category: Celebrity News , Politics Deadline : 06 SEPTEMBER, GIRIDIH

06 सितंबर, गिरिडीह: झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार का दिल का दौरा पड़ने की वजह से असामयिक निधन हो गया है। गिरिडीह में सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल मर्सी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। उनके असामयिक निधन से राज्यभर में शोक की लहर है। उनके पार्थिक शरीर के दर्शन और श्रद्धांजलि देने वालों का गिरिडीह में तांता लगा हुआ है।

झारखंड सरकार के मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी अखलेश कुमार सिन्हा ने गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार की अंत्येष्टि की जानकारी दी है। सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टी आज गिरिडीह जिला स्थित उनके पैतृक गांव स्थित उसरी नदी हरसिंहरायडीह शमशान घाट में दोपहर बाद 3.30 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ की जायेगी।

वहीं एक अन्य पत्र के माध्यम से सुदिव्य कुमार के निधन पर दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन हुआ, जिसके कारण राज्य सरकार ने दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। यह विषय वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि सुदिव्य कुमार एक प्रमुख नेता थे और उनकी मृत्यु से सरकार तथा जनता दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजकीय शोक के दौरान सरकारी कार्यों में बदलाव, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर असर और नागरिकों के मनोभाव पर असर पड़ेगा। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि सरकारी सेवाओं में अस्थायी देरी, सार्वजनिक कार्यक्रमों का

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।