मर्डर केस में 7 दोषियों को उम्रकैद:बच्ची से रेप में 20 साल की सजा, दरभंगा में दो अलग-अलग मामलों में अदालत का फैसला
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →दरभंगा में बुधवार को दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अदालत ने सजा सुनाई। मनीगाछी थाना क्षेत्र के चनौर गांव निवासी केशव कुमार चौधरी हत्याकांड में प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सात दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने दोषी को 20 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
केशव हत्याकांड में सात दोषियों को उम्रकैद मनीगाछी थाना कांड संख्या 162/21 से संबंधित सत्रवाद संख्या 346/21 में अदालत ने सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद चनौर निवासी राम यादव, विजय यादव, लाल कुमार यादव, अनिल यादव, मटकून यादव, पप्पू यादव और सुनील यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 302 में 50 हजार और धारा 328 में 10 हजार का जुर्माना अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सभी दोषियों को आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है।
वहीं, धारा 328 के तहत 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर धारा 302 में तीन वर्ष और धारा 328 में दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि मृतक के परिवार को मिलेगी लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अदालत ने अर्थदंड की राशि मृतक के परिवार को देने का आदेश दिया है।
एपीपी रेणु झा ने बताया कि सात सितंबर को अदालत ने सभी आरोपितों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी कर अदालत ने सभी सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म में 20 साल की कठोर सजा दूसरे मामले में पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने 20 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी वैजनाथ मंडल के पुत्र ललित मंडल को यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास के लिए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत प्रतिकर सहायता राशि निर्धारित कर भुगतान करने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा को दिया है।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा पॉक्सो के स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने बताया कि 21 अगस्त को अदालत ने सदर थाना कांड संख्या 202/22 से संबंधित जीआर केस संख्या 64/22 में सुनवाई पूरी कर आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एबी और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार दिया था।
बुधवार को सजा निर्धारण के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनी गई। इसके साथ ही अदालत ने अभिलेख पर मौजूद वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी गहन परिशीलन किया। इसके बाद दोषी ललित मंडल को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
दरभंगा के इस दुखद फैसले से हमें यह सिखने को मिलता है कि हिंसा का कोई समाधान नहीं है। विवादों में कानूनी मार्ग अपनाना, सहानुभूति और संवाद से निपटना चाहिए। समाज को अपराध से दूर रखकर शिक्षा, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए, हम एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।