मरीज की मौत पर भाजपा नेता के अस्पताल में हंगामा:तबीयत बिगड़ने पर रेफर, रास्ते में मौत; परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
शाहजहांपुर में एक भाजपा नेता के निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने शनिवार रात करीब 11 बजे जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद डॉक्टरों ने मरीज को ठीक बताया था, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मरीज की मौत हो गई।
निगोही के ग्राम भटपुरा मिश्र निवासी राकेश की पत्नी आशा देवी को 29 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे प्रसव के लिए निगोही स्थित भाजपा नेता के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, शनिवार रात लगभग 8:30 बजे आशा देवी ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
हालांकि, परिजनों का आरोप है कि कुछ ही देर बाद आशा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल या किसी अन्य बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। अस्पताल द्वारा वाहन की व्यवस्था करने के बाद परिजन आशा देवी को शाहजहांपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
शाहजहांपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने आशा देवी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजन शव को वापस निगोही स्थित उसी अस्पताल ले आए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर निगोही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल ने 25 हजार रुपये का खर्च बताया था, जिसमें से 20 हजार रुपये तुरंत जमा करा लिए गए थे। निगोही थाना प्रभारी राजीव तोमर ने बताया कि परिजनों ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई थी और वे शव लेकर घर चले गए।
वहीं, निजी अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
📡 स्रोत: NewsData.io