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मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजने के मामले में शासन की सख्त कार्रवाई, रीवा मेडिकल कॉलेज की डॉ. सोनल अग्रवाल पर गिरी गाज, सेवाएं समाप्ति का आदेश जारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजने के मामले में शासन की सख्त कार्रवाई, रीवा मेडिकल कॉलेज की डॉ. सोनल अग्रवाल पर गिरी गाज, सेवाएं समाप्ति का आदेश जारी

रीवा। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा से संबद्ध अस्पताल में मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए कथित तौर पर बाध्य किए जाने की शिकायत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कॉलेज प्रशासन ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई 16 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी गई है।

श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. सोनल अग्रवाल की नियुक्ति 10 नवंबर 2015 को प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर हुई थी और उन्होंने 20 नवंबर 2015 को कार्यभार ग्रहण किया था।

आदेश में उल्लेख है कि श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा से संबद्ध अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य किए जाने संबंधी शिकायत प्राप्त होने के बाद मध्यप्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 7 फरवरी 2023 को चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।

समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट 1 मार्च 2023 को आयुक्त, रीवा संभाग के माध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को भेजी थी। रिपोर्ट के निष्कर्ष में डॉ. सोनल अग्रवाल के विरुद्ध दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी।

इसके बाद शासन के निर्देश पर डॉ. सोनल अग्रवाल को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अपना पक्ष एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। डॉ. अग्रवाल की ओर से 17 मार्च 2023 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया।

आदेश के अनुसार, डॉ. अग्रवाल के स्पष्टीकरण को कार्यकारिणी समिति की बैठक में विचार के लिए रखा गया। 29 मार्च 2023 की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रकरण में आदर्श सेवा नियम, 2018 के प्रावधानों के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सक्षम अधिकारी माना गया।

बाद में गठित समिति ने 14 जून 2023 को अपनी रिपोर्ट में मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के तहत कार्रवाई किए जाने को उचित बताया।

इसी क्रम में 16 सितंबर 2026 को कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के नियम 14(3)(i) के प्रावधानों के तहत 16 सितंबर 2026 के अपराह्न से समाप्त कर दी गई हैं।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि डॉ. सोनल अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय अथवा स्वशासी सेवा के लिए पात्र नहीं होंगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में बताया गया है कि रीवा श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल को मरीजों को नर्सिंग होम भेजने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया है। यह विषय अस्पताल की रोगी देखभाल नीति और चिकित्सकीय ज़िम्मेदारी से जुड़ा है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता और रोगी अधिकारों के प्रति सरकार की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि अस्पतालों में रोगी देखभाल के मानकों पर पुनः ध्यान दिया जायेगा, और रोगियों को अनावश्यक नर्सिंग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।