अपराध

माताजी की झांकी विवाद में श्यामगिरि गोस्वामी ने रखा पक्ष, निष्पक्ष जांच की मांग

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
माताजी की झांकी विवाद में श्यामगिरि गोस्वामी ने रखा पक्ष, निष्पक्ष जांच की मांग

भोपाल। बागसेवनिया थाना क्षेत्र के बाद मुगलिया स्थित नई बस्ती में नोबल स्कूल के पास माताजी की झांकी के दौरान हुए विवाद को लेकर श्यामगिरि गोस्वामी ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने झांकी पर पथराव करने के आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में पत्थर उठाया था। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो चुनिंदा हिस्से के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

श्यामगिरि गोस्वामी के अनुसार, घटना के दिन वह अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिलाकर घर लाए थे। उनकी पत्नी के टांके अभी कच्चे थे और उनका बच्चा महज चार दिन का था। उन्होंने दावा किया कि झांकी के दौरान डीजे की तेज आवाज से परिवार को परेशानी हो रही थी, इसलिए उन्होंने आवाज कम करने का अनुरोध किया।

उनका आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ युवकों ने गाली-गलौज की और पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनकी मां के सिर और हाथ में चोट आई तथा घर की खिड़कियों के कांच टूट गए। उनके मुताबिक, स्थिति देखकर उन्होंने डराने के उद्देश्य से पत्थर उठाया और इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया।

पहले से विवाद होने का भी दावा

श्यामगिरि गोस्वामी ने आरोप लगाया कि झांकी आने से करीब दो घंटे पहले उनके पिता और कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। उनके अनुसार, उस दौरान गाली-गलौज भी हुई और उन्हें फंसाने की धमकी दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि इसी विवाद के कारण उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग

श्यामगिरि गोस्वामी ने कहा कि वह स्वयं धर्म में आस्था रखते हैं और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा रखते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद उन्हें धर्मविरोधी बताने से उन्हें मानसिक परेशानी हुई है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, वीडियो प्रसारित करने के पीछे की मंशा की जांच करने और यदि आरोप प्रमाणित हों तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

उनका कहना है कि वीडियो के किसी एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय घटना की पूरी परिस्थितियों और सभी संबंधित पक्षों के बयानों की जांच की जानी चाहिए। फिलहाल, उनके बयान में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।