मऊ में ईंट भट्ठा संचालन के लिए नए नियम:पायों की संख्या या जगह बदलने पर खनन विभाग को देनी होगी जानकारी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मऊ जिले में ईंट भट्ठा चलाने वालों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था ईंट भट्ठा सत्र 2026-27 के लिए है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रवेन्द्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग ने 23 सितंबर 2026 को एक सरकारी आदेश जारी किया था। यह आदेश ईंट भट्ठों के संचालन पर रेगुलेशन फीस लेने से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम 21(2) के तहत ईंट भट्ठा मालिक पायों की संख्या के आधार पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसी के हिसाब से उनसे रेगुलेशन फीस ली जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि 30 नवंबर 2026 तक जमा की गई रेगुलेशन फीस पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
अगर फीस इस तय तारीख के बाद जमा की जाती है, तो नियमानुसार ब्याज देना होगा। उन्होंने साफ किया कि अगर किसी ईंट भट्ठे के पायों की संख्या या उसकी जगह में कोई बदलाव होता है, तो भट्ठा मालिक को 30 दिन के अंदर इसकी जानकारी देनी होगी। यह जानकारी खनन कार्यालय और भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय दोनों को देना जरूरी होगा।
ईंट मिट्टी ढोने वाले वाहनों के लिए भी नियम बनाए गए हैं। परिवहन के दौरान वाहन में पोर्टल से जारी रेगुलेशन फीस जमा करने का प्रमाण-पत्र रखना जरूरी होगा। जांच के समय अधिकारी के मांगने पर चालक को यह प्रमाण-पत्र दिखाना होगा। बिना रेगुलेशन फीस जमा करने के प्रमाण-पत्र के ईंट मिट्टी का परिवहन अवैध माना जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने सभी ईंट भट्ठा मालिकों से सरकारी आदेश में बताए गए नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठा मालिकों पर उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम 3, 21(2), 42(ड) और 59(2) के नियम लागू होंगे। यह पूरी व्यवस्था अदालतों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के तहत रहेगी।
📡 स्रोत: NewsData.io