खेल

मौका जब भी मिले उसे भुनाना जरूरी, चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद बोले देवदत्त पडिक्कल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मौका जब भी मिले उसे भुनाना जरूरी, चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद बोले देवदत्त पडिक्कल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कारने का फैसला लगभग सही साबित हुआ। भारतीय युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 44 रन बनाए।

चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अपने खेल के तरीके को बताया।

देवदत्त पडिक्कल ने कहा, मैं हमेशा से इस बात को लेकर स्पष्ट रहा हूं कि टेस्ट क्रिकेट मेरा अंतिम लक्ष्य है, इसलिए मैंने अपने खेल को इस तरह ढालने की कोशिश की है कि मैं अपनी बुनियादी तकनीक के साथ खेलते रहूं।

मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि जब भी जरूरत हो मैं लाल गेंद के क्रिकेट में आसानी से ढल सकूं, क्योंकि यह मेरी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “सफेद गेंद के क्रिकेट में मेरी बल्लेबाजी की एक अलग तैयारी होती है।

इससे मैं अधिक शॉट खेल सकता हूं और अपने हाथों को थोड़ा खुला रखता हूं, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में इस पहलू को थोड़ा कसकर रखना जरूरी है। इसमें हाथ शरीर के कुछ ज्यादा करीब रखने पड़ते हैं।” साई सुदर्शन के इंजर्ड होने के बाद पडिक्कल को इस मैच में मौका दिया गया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उनका ध्यान रन बनाने पर है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि तीसरे नंबर पर लंबे समय तक खेलने जैसी बातचीत होती है। जब भी आपको मौका मिले, उसे भुनाना जरूरी है।"

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।