Mecca Pact: पाकिस्तान-सऊदी-तुर्की रक्षा समझौते को लेकर आया बड़ा बदलाव, मिस्र के शामिल होने की आशंका

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का दावा है कि मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) में अरब देश मिस्र भी शामिल हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह समझौता बाकी देशों के लिए भी खुला है. इस समय समझौते में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की शामिल किए गए हैं. इसे इस्लामिक नाटों का भी नाम दिया जा रहा है. इसकी वजह है कि इसमें NATO के अनुच्छेद 5 यानी 'सामूहिक रक्षा संधि'की शर्त को शामिल किया गया है. इसका अर्थ किसी एक सदस्य देश पर किसी तरह का बाहरी हमला होने की सूरत में सभी सदस्य देशों पर हुआ हमला माना जाएगा. इसके तहत सभी देश मिलकर उसका मुकाबला करने को बाध्य होंगे. एर्दोगन में मिस्र के मक्का पैक्ट में शामिल होने की संभावना एक इंटरव्यू में एर्दोगन के अनुसार, मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत हस्ताक्षर करने वाले देश इस बात के लिए प्रतिबद्ध होंगे कि अगर उनमें से किसी एक पर भी बाहरी हमला होता है तो वे मिलकर कदम उठाएंगे. उन्होंने आगे कहा, "इस समझौते ने दुनिया को एक अहम संदेश दिया." इस बीच उन्होंने मिस्र के शामिल होने की संभावना जताई और कहा कि बाकी देश भी इस समझौते में शामिल होंगे. इस इंटरव्यू में एर्दोगन ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को तुरंत खोलने को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि होर्मुज के लंबे समय तक बंद होने से किसी का भी भला नहीं होने वाला है. एर्दोगन ने क्षेत्रीय संघर्षों में मध्यस्थता को लेकर बड़ी भूमिका निभाने के लिए कतर की सराहना भी की.
📡 स्रोत: NewsData.io