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मेड इन इंडिया हथियारों का दुनिया में जलवा! फिर भी क्यों पाकिस्तान से पीछे भारत?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मेड इन इंडिया हथियारों का दुनिया में जलवा! फिर भी क्यों पाकिस्तान से पीछे भारत?

दुनिया भर में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव (जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट संकट और दक्षिण चीन सागर में तनातनी) और आधुनिक तकनीक (जैसे AI, ड्रोन्स और साइबर सुरक्षा को अपनी सेना में शामिल करने की दुनिया में देशों में होड़ सी मची हुई है. सभी चाहते हैं कि मिलिट्री पावर में उनका नंबर पहले स्थान पर हो.

यही वजह है कि दुनिया भर की सरकारें अपने रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर रही हैं और इसी के चलते डिफेंस मार्केट तेजी से बड़ा होता जा रहा है. ग्लोबल डिफेंस एक्सपोर्ट की बात करें, तो 138 अरब डॉलर (USD 138 Billion) के आंकड़े को पार कर चुका है और आने वाले समय में इसमें और तेजी आने की संभावनाएं हैं.

स्वीडन के थिंक टैंक SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की हाल ही में एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि वैश्विक रक्षा निर्यात के मामले में भारत का स्थान पाकिस्तान के पीछे है.

जहां भारत 0.2% हिस्सेदारी के साथ 27वें स्थान पर है.वहीं, पाकिस्तान 0.4% हिस्सेदारी के साथ 21वें स्थान पर है. यह आंकड़ा भले ही हैरान कर देने वाला है, लेकिन यह सच है. क्यों पाकिस्तान भारत से है आगे? डिफेंस एक्सपोर्ट में पाकिस्तान के भारत से आगे रहने की सबसे बड़ी वजह चीन है.

सबसे पहली बात तो पाकिस्तान खुद कोई हथियार नहीं बनाता है, बल्कि वह चीन के साथ मिलकर JF-17 थंडर फाइटर जेट को असेंबल करने का काम करता है. फिर इन्हें म्यांमार, नाइजीरिया या अजरबैजान जैसे देशों को बेच देता है. यह आंकड़ा पाकिस्तान के डिफेंस एक्सपोर्ट के खाते में जुड़ जाता है.

इसी तरह से अफ्रीका और कई कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों कम कीमत वाले चीनी हथियारों को प्राथमिकता देते हुए पाकिस्तान से हथियार मंगाते हैं, जिससे उनका एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ता जाता है.

वहीं, भारत का पूरा ध्यान निर्यात पर नहीं, बल्कि अपने देश की सेना को मजबूत करने पर रहा है. यही वजह है कि भारत दशकों तक दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा है. महाशक्ति बनने की राह पर भारत बेशक, ग्लोबल डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी वर

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

मेड इन इंडिया हथियारों का विश्व में जलवा दिख रहा है, पर पाकिस्तान से पीछे रहने की बात उठ रही है। यह विषय भारत की रक्षा क्षमताओं और घरेलू उद्योग की प्रगति के बीच अंतर को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और उन्नत तकनीक के साथ देशों की सेना में होड़ तेज है, जिससे भारत को अपनी रक्षा शक्ति को और बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होती है। आम जनता पर इसका असर बढ़ते रक्षा खर्च, नौकरियों के सृजन और राष्ट्रीय सुरक्षा में विश्वास से जुड़ा है, साथ ही हथियारों के उत्पादन से आर्थिक

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