‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान 1 अक्तूबर से, मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर रहेगा ज़ोर
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सितंबर 28, ऊना (हिमाचल प्रदेश): आमजन को विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान का प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान का शुभारंभ 1 अक्तूबर, 2026 से किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी विशेष मध्यस्थता अभियान लंबित उपयुक्त मामलों के मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण निपटारे को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा।
यह जानकारी ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत वैवाहिक मामले, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामले और आईपीसी की धारा 498ए/बीएनएस की धारा 85 के तहत मामले शामिल हैं। साथ ही, दुर्घटना दावा मामला, चेक बाउंस के मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले, ऋण वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, श्रम अधिनियम मामले सहित जैसी मामले शामिल रहेंगे।
सचिव ने बताया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की आर्बिट्रेशन, मेडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आमजन में मध्यस्थता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उपयुक्त विवादों के समाधान के लिए आपसी सहमति और संवाद को प्रोत्साहित करना है।
शिखा लखनपाल ने बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित पक्षकारों के बीच संवाद एवं सहमति के माध्यम से समाधान की संभावनाओं को तलाशा जाता है। ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान के माध्यम से इसी भावना को मजबूत करते हुए उपयुक्त लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित किया जाएगा।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
सौहार्दपूर्ण समाधान की शक्ति को अपनाएँ। जब विवाद उभरें—चाहे वह घरेलू हो, वित्तीय हो या भावनात्मक—मध्यस्थता एक शांतिपूर्ण मार्ग है। यह न केवल आपसी समझ बढ़ाता है, बल्कि संघर्षों को बढ़ने से रोकता है। हर किसी को यह याद रखना चाहिए कि सहमति से निपटारा करने से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि समाज में विश्वास और सहिष्णुता भी बढ़ती है। आइए, मिलकर एक शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएँ।