मेघालय-UDP के पूर्व विधायक जेमिनो मावथोह ने बीजेपी जॉइन की:8 और विधायक शामिल हो सकते हैं; पार्टी की बैठक में 6 विधायक नहीं पहुंचे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मेघालय के पूर्व विधायक और UDP नेता जेमिनो मावथोह शनिवार को बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद UDP के 12 में से 8 विधायकों के बीजेपी में शामिल हो सकते है। ऐसा होने पर बीजेपी विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। शिलॉन्ग में 11 सितंबर को UDP की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक हुई, जिसमें 6 विधायक शामिल नहीं हुए।
हालांकि, UDP अध्यक्ष मेहतबा लिंगदोह ने कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं। विधानसभा में NPP के 33, UDP के 12 और बीजेपी के 2 विधायक हैं मावथोह ने मई में UDP से इस्तीफा दिया था। UDP और बीजेपी, दोनों नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार का हिस्सा हैं।
60 सदस्यीय विधानसभा में NPP के 33 विधायक हैं, जबकि UDP के 12 और बीजेपी के 2 विधायक हैं। अगर UDP के 8 विधायक बीजेपी में शामिल होते हैं, तो बीजेपी के विधायकों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। इसके बाद बीजेपी विधानसभा में NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। UDP विधायक ने कहा पार्टी से कोई मतभेद नहीं मेघालय की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 UDP विधायकों ने पार्टी की बैठक में कहा कि उनका अगला कदम बीजेपी की मांग स्वीकार करने पर निर्भर करेगा।
इनमें कैबिनेट मंत्री लखमेन रिंबुई, बलाजिद कुफर सिनरेम और ओलान सिंग सुइन शामिल हैं। इन तीनों विधायकों ने कहा कि UDP नेतृत्व से उनका कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी बदलते हैं तो यह उनके विधानसभा क्षेत्रों और राज्य के हित में होगा। बीजेपी विधायक अलेक्जेंडर लालू हेक ने यह बताने से इनकार किया कि कितने UDP विधायक बीजेपी में शामिल होंगे और यह कब होगा।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास अभी 2 सीटें हैं और पार्टी को एक कैबिनेट पद मिला हुआ है। विधायकों की संख्या बढ़ने की स्थिति में बीजेपी को सरकार में और ज्यादा मंत्री पद की मांग करनी चाहिए।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मेघालय के पूर्व विधायक जेमिनो मावथोह ने बीजेपी में शामिल होकर UDP के 12 में से 8 विधायक संभावित रूप से पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिससे बीजेपी विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। यह घटना राज्य की राजनीतिक गतिशीलता को बदल सकती है क्योंकि UDP के कुछ विधायक अभी भी अपनी पंक्तियों में हैं। इस बदलाव से राजनीतिक संतुलन बदल सकता है, जिससे नीतिगत निर्णयों और विकास योजनाओं पर असर पड़ेगा। आम जनता के लिए यह अनिश्चितता पैदा कर सकता है, क्योंकि दलों के गठबंधन में बदलाव से संसाधनों का आवंटन और स