राजनीति

मेघालय में UDP के 8 विधायक बीजेपी में शामिल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मेघालय में UDP के 8 विधायक बीजेपी में शामिल

सितंबर 23, नई दिल्ली: मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी यानी UDP के आठ विधायक नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में लखमेन रिम्बुई, पायस मारवेन, किर्मेन श्यल्ला, मायरालबॉर्न सिएम, मैथ्यू कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर रॉय लिंगदोह थबाह शामिल हैं।

आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में बीजेपी की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। वहीं, UDP के पास अब चार विधायक रह गए हैं। बीजेपी विधानसभा में नेशनल पीपुल्स पार्टी यानी NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। बीजेपी और UDP दोनों ही NPP के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस यानी MDA का हिस्सा हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आठों विधायकों का बीजेपी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और मेघालय में पिछले 12 वर्षों में हुए विकास कार्यों और बदलाव से प्रभावित होकर विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है।

वहीं, बीजेपी में शामिल हुए विधायकों ने कहा कि उनका फैसला मेघालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इनमें खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन से जुड़े नियमों और मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

आठ विधायकों के दल बदलने के बाद मेघालय विधानसभा के राजनीतिक समीकरण में बदलाव आया है। बीजेपी की विधानसभा में संख्या बढ़ने से राज्य की गठबंधन राजनीति में पार्टी की भूमिका पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बारे में है। यह बदलाव मेघालय की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाता है, क्योंकि UDP का बहुमत में होना और बीजेपी के साथ जुड़ना क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर शक्ति संतुलन बदल सकता है। यह घटना राजनीतिक स्थिरता और नीति निर्माण पर असर डाल सकती है, जिससे विकास योजनाओं और संसाधनों के आवंटन में बदलाव हो सकता है। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने वाले दल में बदलाव होने से उ

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।