मेरठ कमिश्नरी पर चल रहा धरना 20 घंटे बाद खत्म:5 घंटे की वार्ता के बाद रात भर डटे रहे किसान, बोले वादा टूटा तो फिर आएंगे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मेरठ कमिश्नरी पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से आयोजित महापंचायत अनिश्चितकालीन धरने में बदलने के लगभग 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। देर रात चली वार्ता विफल होने के बाद बुधवार सुबह एडीएम सिटी और एसपी सिटी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों का धरना समाप्त कराया। किसान रातभर आंदोलन स्थल पर डटे रहे।
मंगलवार को करीब 7 से 8 घंटे चली महापंचायत के बाद किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी करीब पांच घंटे तक किसानों के बीच मौजूद रहे। मेरठ कमिश्नरी पर किसान मंगलवार सुबह 10 बजे से पहुंचने शुरू हो गए थे।
शाम 4.30 बजे राकेश टिकैत द्वारा घोषणा की जाने के बाद पंचायत अनिश्चितकालीन धरने में बदल गई। शाम 7 बजे 25 किसानों का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर से वार्ता के लिए गया। रात 12 बजे तक चली वार्ता विफल होने के बाद किसान रात भर वहीं डटे रहे। सुबह लगभग 6 बजे एडीएम सिटी और एसपी सिटी किसानों के बीच फिर से वार्ता के लिए पहुंचे।
सुबह 7 बजे जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने धरने को स्थागित करने की घोषणा की। महापंचायत के बाद मंडलायुक्त के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच सोमवार शाम करीब 7 बजे से रात 12 बजे तक वार्ता चली।
किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कई दौर में बातचीत हुई, लेकिन देर रात तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया और रातभर कमिश्नरी परिसर में ही डटे रहे। किसानों ने सड़क पर बिस्तर बिछाकर रात गुजारी। कई किसान आंदोलन स्थल पर ही सोए, जबकि कुछ रातभर धरने पर मौजूद रहे।
किसान नेताओं का कहना था कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। मंगलवार सुबह भी कमिश्नरी परिसर में किसानों की मौजूदगी रही। इसके बाद एडीएम सिटी बृजेश कुमार और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान नेताओं के साथ दोबारा वार्ता की और उनकी मांगों पर चर्चा की।
बातचीत के बाद किसानों को समझाकर धरना समाप्त कराया गया। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद कमिश्नरी परिसर से किसान धीरे-धीरे हटने लगे। अधिकारियों ने किसानों को उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया।
📡 स्रोत: NewsData.io