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मेरठ रेंज में जन्माष्टमी पर 3500 पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा:186 मंदिरों और 14 शोभायात्राओं पर नजर, 24 जोन-81 सेक्टर में बांटा रेंज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मेरठ रेंज में जन्माष्टमी पर 3500 पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा:186 मंदिरों और 14 शोभायात्राओं पर नजर, 24 जोन-81 सेक्टर में बांटा रेंज

मेरठ रेंज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का बड़ा प्लान तैयार किया है। मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ और निकलने वाली शोभायात्राओं को देखते हुए करीब 3500 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। पूरे रेंज को 24 जोन और 81 सेक्टर में बांटकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है।

मेरठ जिले में जन्माष्टमी पर 186 मंदिरों में कार्यक्रम और 14 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें 11 शोभायात्रा मार्गों को संवेदनशील माना गया है। मिश्रित आबादी वाले मंदिरों पर एक कंपनी पीएसी तैनात रहेगी, जबकि आपात स्थिति से निपटने के लिए 60 क्यूआरटी भी सक्रिय रहेंगी।

पुलिस जमीन के साथ सीसीटीवी, ड्रोन और सोशल मीडिया के जरिए भी निगरानी करेगी। 3500 पुलिसकर्मियों की लगाई गई ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था में 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 86 निरीक्षक, 635 उप निरीक्षक, 1022 हेड कांस्टेबल और 1270 कांस्टेबल शामिल हैं। इनके अलावा 440 होमगार्ड और पीआरडी जवान भी ड्यूटी पर रहेंगे।

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। थाना स्तर पर भी जन्माष्टमी के आयोजनों को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। 186 मंदिर और 14 शोभायात्राएं रडार पर मेरठ जिले में 186 मंदिरों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा 14 शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।

शोभायात्राओं के 11 मार्गों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। मंदिरों और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। भीड़ और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन भी लगाए जाएंगे।

जन्म के समय बढ़ेगी क्यूआरटी की सक्रियता श्रीकृष्ण जन्म के समय मंदिरों में अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है।

इसके लिए प्रवेश और निकास वाले स्थानों, भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस तैनात रहेगी।किसी भी स्थान पर स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर क्यूआरटी तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगी। अधिकारियों को भी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मिश्रित आबादी वाले मंदिरों पर पीएसी का पहरा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित मंदिरों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के मुताबिक, मंदिर समितियों के पदाधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले ही बातचीत की जा चुकी है।

आयोजन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर समन्वय कर लिया गया है और थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र के कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है। 32 एंटी रोमियो स्क्वाड भीड़ में रहेंगी सक्रिय भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 32 एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय रहेंगी।

ये टीमें मंदिरों, बाजारों और अन्य भीड़ वाले इलाकों में आम लोगों के बीच रहकर निगरानी करेंगी। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर जन्माष्टमी के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक या माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट को लेकर भी पुलिस सतर्क रहेगी।

सोशल मीडिया टीम लगातार ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखेगी। झूठी, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने जन्माष्टमी की व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लिया है।

सभी संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल मिल सके।

📡 स्रोत: NewsData.io

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