राजनीति

मेरे बाद में राजनीतिक में आए हर्ष महाजन, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं की वापसी नहीं होगी: सुक्खू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 21 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मेरे बाद में राजनीतिक में आए हर्ष महाजन, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं की वापसी नहीं होगी: सुक्खू

अक्तूबर 21, शिमला (हिमाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हर्ष महाजन उनसे बाद में राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा कि वह हर्ष महाजन से पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई के अध्यक्ष बन चुके थे।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हर्ष महाजन अलग-अलग स्थानों पर जाकर कभी किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने की बात करते हैं, तो कभी किसी दूसरे नेता का नाम लेते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में ही नेतृत्व को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं की वापसी को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ऐसे नेताओं को वापस लेना ही नहीं चाहती, इसलिए उनकी वापसी को लेकर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि जिन नेताओं का अभी भी कांग्रेस छोड़कर जाने का मन है, वे भी जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुद भारतीय जनता पार्टी पांच गुटों में बंटी बैठी है।

हर्ष महाजन मुझसे बाद में राजनीति में आए। मैं उनसे पहले प्रदेश कांग्रेस और एनएसयूआई का अध्यक्ष बन गया था। वे जगह-जगह बोल रहे हैं कि अब यह बनेंगे, फिर यहां आकर बोलते हैं कि वह बनेंगे। गुटबाजी तो उनमें है, पांच गुटों में भाजपा बंटी हुई है, जितने मर्जी बयान दे दें।" वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर भी मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपनी सफाई दी।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य नेता मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के बड़े नेता रहे हैं और उनका सम्मान करना प्रदेश की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रम को पार्टी के भीतर गुटबाजी से जोड़ना उचित नहीं है।

वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। इसे राजनीतिक गुटबाजी के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह दिल्ली में होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति को पार्टी के भीतर किसी तरह की खींचतान से जोड़ना सही नहीं है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के मन में ईवीएम से मतदान को लेकर किसी तरह का संदेह है, तो उसे दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवीएम को लेकर हम तो चाहते हैं कि इस शक-शुबहे को दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए, तो अच्छा है।

इसमें कौन-सी दो राय है।" मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नवंबर में सत्र आयोजित करने की बात कही गई है। यदि विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से इस संबंध में प्रस्ताव आता है, तो सरकार नवंबर में सत्र बुलाने पर विचार कर सकती है।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि दिसंबर में हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन के चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।

इस दौरान सरकारी वाहनों की आवाजाही, रूट व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

बाईट: सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।