‘मेरे साथ सोओ,पास कर दूंगा’;BPSC टीचर पर ब्लैकमेलिंग का आरोप:बक्सर में 2 शिक्षकों समेत प्रिंसिपल पर POSCO केस दर्ज, छात्रा का रेप वीडियो बनाकर किया वायरल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →"मैं तुम्हें सारे सब्जेक्ट में पास कर दूंगा। इसके लिए तुम्हें मुझसे फोन पर बात करनी होगी और मेरे साथ घूमना होगा। मैं जहां ले जाऊंगा और जो कहूंगा, तुम्हें वह सब करना होगा।
उसने मेरा माइंड वॉश कर के मेरे साथ रेप किया है।" सरकारी स्कूल से आठवीं कक्षा पास कर चुकी नाबालिग छात्रा का आरोप है, उसके टीचर अरविंद ने पहले उसे पढ़ाई में पास कराने का लालच दिया और फिर अपने दबाव में ले लिया। छात्रा ने बताया, एक दिन अरविंद मुझे बहाने से होटल ले गया, जहां उसने मेरे साथ दुष्कर्म किया।
मेरा आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी करीब एक महीने तक मेरा यौन शोषण करता रहा। दरअसल, बक्सर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो 2026 के फरवरी का बताया जा रहा है। इसमें एक टीचर अरविंद प्रसाद छात्रा के साथ होटल में अवैध संबंध बनाते दिख रहा है।
ये वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस दौरान पता चला कि ये शिक्षक कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक मिडिल स्कूल में पोस्टेड है।
वीडियो में मौजूद छात्रा ने गुरुवार 3 सितंबर की शाम अपनी मां के साथ थाना पहुंचकर आरोपी समेत एक अन्य टीचर वीरेंद्र और स्कूल के प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी के खिलाफ रेप के तहत POSCO एक्ट में FIR दर्ज करवाया है। पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को अरेस्ट कर लिया है। वहीं, फरार दोनों टीचर की तलाश की जा रही है।
वीडियो पहली बार कब और कैसे सामने आया? स्टूडेंट-टीचर के बीच फोन पर कितने समय से बातचीत होती थी? शिक्षक वीरेंद्र और प्रिंसिपल के खिलाफ केस क्यों दर्ज करवाया? क्या छात्रा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड या चैट को पुलिस ने जांच के लिए लिया है? मामले में अब तक कितने लोगों से पूछताछ हुई है?
इन सारे सवालों का जवाब पढ़िए इस रिपोर्ट में... 2024 में BPSC से TRE-2 के जरिए हुई थी पोस्टिंग आरोपी अरविंद कुमार की पोस्टिंग साल 2024 में TRE-2 के तहत बक्सर के स्कूल में टीचर के पोस्ट पर हुई थी। 2 सालों से वो एक ही स्कूल में पोस्टेड है। छात्रा ने FIR में दिए बयान में बताया, 'मैं क्लास वन से उस स्कूल में पढ़ती थी।
साल 2024 में मैं क्लास 6 में थी। इसी दौरान एक दिन टीचर अरविंद प्रसाद हमारे क्लास पहुंचा। शुरूआत में वो बहुत स्ट्रिक्ट था। हमलोग उससे बहुत डरते थे, लेकिन धीरे-धीरे समय बितता गया और वो भी हमलोगों के साथ मजाक-मस्ती करने लगा। जब मैं क्लास 7 में पहुंची तो वो मुझसे बहुत प्यार से बात करना शुरू कर दिया था।
मुझे लगा मैं पढ़ाई में अच्छा कर रही हूं, तो इसलिए वो मुझे मान रहा है। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसकी नियत मुझे लेकर खराब है। ‘फोन कर लड़की दोस्तों को बुलाने के लिए कहता था’ शिकायत में सामने आया कि अरविंद किसी भी छात्रा को फोन करता था। उसे अपने पास बुलाता था।
जब स्टूडेंट उसके पास पहुंचती थी, तो वो अन्य लड़कियों को भी फोन कर बुलाने का दवाब बनाता था। शुरूआत में हमें लगा कि वो बस घूमने और बात करने के लिए बस हमलोगों को अपने पास बुलाता था, लेकिन समय बितता गया और लड़कियां उसके प्यार के चंगूल में फंसती गईं।
हर लड़की से आरोपी यही कहता था कि मैं तुमसे सच्चा वाला प्यार करता हूं और तुम्हारी सारी दोस्त मेरी दोस्त है। मैं उनलोगों को इसी वजह से बुलाता हूं और उनके सामने नॉर्मल बिहेव करता हूं ताकि किसी को हमलोगों पर शक न हो।
इस दौरान उसने मुझसे कहा भी कि मैं तुम्हें हर सब्जेक्ट में पास कर दूंगा, अगर तुम मेरी सारी बातें मानोगी तो... मुझे लगा ये नॉर्मल है, इसलिए मैंने उसकी बात मान ली। इसी तरह एक साल बितने पर साल 2026 में उसने मुझसे कहा, आज हमलोग कहीं बाहर मिलते हैं। पहले तो मैंने मना किया, लेकिन फिर वो मुझे फेल करने की धमकी दे दी।
इसके बाद मैंने उसकी बात मान ली और उसके साथ होटल चली गई। 'मैं चिल्लाती रही, वो मेरा रेप करता रहा...' शुरूआत में मुझे बहुत डर लगा। जब मैं कमरे में गई तो उसने मेरे साथ अश्लील हरकत करना शुरू कर दिया। मैंने उसे बहुत रोका लेकिन वो नहीं माना इसपर मैंने उससे कहा, मैं ये सब नहीं कर सकती हूं।
आरोपी टीचर अरविंद गुस्से में आ गया और उसने मेरे साथ जबरन शारिरिक संबंध बनाए। मैं रोते रही चिल्लाती रही लेकिन वो नहीं रूका। मुझे नहीं पता था कि आरोपी मेरा वीडियो भी बना लेगा। इसके बाद वो वीडिया वायरल करने की धमकी देते हुए मेरे साथ कई बार अवैध संबंध बनाया। मैं रोती थी, गिड़गिड़ाती थी...लेकिन वो लगातार मेरा रेप करता था।
ये करीब एक महीने तक चला। इसके बाद मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। मार्च से मैंने 8वीं पास कर स्कूल भी छोड़ दिया। घरवालों को भी मेरी जरूरत थी। गरीबी रहने और छोटे भाई-बहन रहने के कारण मैं उनका ध्यान रखने लगी। मैं स्कूल नहीं जाने लगी तो मुझे लगा मैं बच जाऊंगा।
इस बीच मई 2026 में अरविंद ने हमारे ही स्कूल के एक और टीचर वीरेंद्र को सारी बातें बता दी। अरविंद ने वीरेंद्र के नंबर से मुझे फोन कर कहा, अगर तुम मुझसे होटल में मिलने नहीं आओगी, तो ये वीडियो मैं वीरेंद्र को भेज दूंगा।
मुझे लगा वो सिर्फ मुझे डरा-धमका रहा है, लेकिन 2 दिन बाद जानकारी मिली की अरविंद ने सच में वीरेंद्र को हमारे न्यूड वीडियो भेज दिए हैं। इसके बाद वीरेंद्र भी मुझे फोन कर धमकी देने लगा। उसने मुझसे कहा, अगर तुम मेरे साथ नहीं सोई तो मैं तुम्हारा ये वीडियो पूरे गांव वालों को भेजकर तुम्हें बदनाम कर दूंगा।
उसकी बातों से भी मैं नहीं डरी। 2 महीने ऐसे ही बीत गए। 29 अगस्त को प्रिंसिपल को दी जानकारी, नहीं हुई कार्रवाई 28 अगस्त का जानकारी मिली की टीचर वीरेंद्र ने मेरा आपत्तिजनक वीडियो मेरे ही गांव के कुछ लड़कों को भेज दिया। उसने लड़कों को फोन कर कहा, मैं और मेरा दोस्त पूरे गांववालों के दामाद है।
मेरे पास कई लड़कियों का इस तरह का वीडियो है। बताया जा रहा इस दौरान टीचर वीरेंद्र पूरी तरह नशे में धुत्त था। वीडियो सामने आने के बाद 29 अगस्त 2026 को पूरे गांववाले मिडिल स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल से वीरेंद्र और अरविंद की शिकायत की, लेकिन प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया।
उसने इस केस को दबाने की कोशिश की, क्योंकि इस साल के राज्यकीय शिक्षक पुरस्कार में उसका भी नाम शामिल था। इसके बाद मामला बढ़ता गया और धीरे-धीरे ये केस मीडिया में भी सामने आ गया। 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के BEO के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई।
प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय से आदेश जारी किए गए। निलंबन के दौरान वीरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर और अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की किया गया है।
वहीं, गुरुवार 3 सिंतबर को पीड़ित छात्रा अपनी मां के साथ थाने पहुंची। उन्होंने इस मामले में तीनों टीचर अरविंद, वीरेंद्र और प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज करवाते हुए POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
पुलिस ने हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल, दोनों टीचर मौके पर से फरार है। पुलिस ने छात्रा के निशानदेही पर डुमरांव के चार होटल में छापेमारी की, लेकिन छात्रा वास्तविक होटल नहीं बता पाई। इसकी वजह से कार्रवाई लगातार जारी है।
अब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण है। इन डिजिटल साक्ष्यों से यह पता लगाया जा सकता है कि आरोपित शिक्षकों ने किन छात्राओं से संपर्क किया था।
जांच में यह देखना होगा कि छात्रा होटल तक कैसे पहुंची, वहां कितनी देर रही, होटल में एंट्री और निकास का कोई रिकॉर्ड या CCTV फुटेज उपलब्ध है या नहीं। डीईओ बोले- ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं होंगी जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार कर्ण के अनुसार, मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
विभाग की शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल का माहौल खराब करने से जुड़े आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। उन्होंने कहा दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विभाग का कहना है कि स्कूल में इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। म्यूचुअल तबादले और TRE-2 से हुई थी दोनों शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले और सेवा पृष्ठभूमि की भी जांच कर रहा है।
जानकारी के अनुसार निलंबित शिक्षक अरविंद कुमार की नियुक्ति बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-2 के माध्यम से 2 फरवरी 2024 को हुई थी। अरविंद के पिता प्रेम चंद्र प्रसाद ब्रह्मपुर प्रखंड के बगही मध्य विद्यालय में शिक्षक थे। कोरोना काल में साल 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी।
इसके बाद उनके बड़े बेटे अनिल कुमार को अनुकंपा के आधार पर ब्रह्मपुर प्रखंड के पांडेयपुर +2 उच्च विद्यालय में नियुक्ति मिली, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरे निलंबित शिक्षक वीरेंद्र कुमार मूल रूप से डुमरांव प्रखंड के सोवा गांव के रहने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक साल 2013 में म्यूचुअल तबादले के जरिए उनकी तैनाती उक्त विद्यालय में हुई थी। म्यूचुअल तबादले में समान पद और श्रेणी के कर्मचारियों का आपसी सहमति से स्थानांतरण होता है, जिसके लिए विभागीय स्वीकृति जरूरी होती है।
अब शिक्षा विभाग दोनों शिक्षकों की तैनाती और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रहा है। 1972 में हुई थी स्कूल की स्थापना जिस विद्यालय से यह मामला जुड़ा है, उसकी स्थापना साल 1972 में हुई थी। साल 2009 में इसे प्राथमिक विद्यालय से उत्क्रमित कर मध्य विद्यालय बनाया गया।
पहले यहां कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई होती थी, बाद में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई शुरू हुई। करीब पांच दशक से अधिक समय से क्षेत्र में शिक्षा का केंद्र रहे इस विद्यालय की छवि पर गंभीर आरोपों से सवाल खड़े हुए हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io