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मेयर पर 'FIR' हो, फौरन जेल भेजा जाए: अखिलेश यादव:सपा प्रमुख ने लखनऊ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा— बेहद बेईमान हैं मेयर उमेश गौतम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मेयर पर 'FIR' हो, फौरन जेल भेजा जाए: अखिलेश यादव:सपा प्रमुख ने लखनऊ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा— बेहद बेईमान हैं मेयर उमेश गौतम

बरेली में मेयर उमेश गौतम द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ और एक महिला की मौत के मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि मेयर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अखिलेश यादव ने उमेश गौतम को "बेहद बेईमान मेयर" करार दिया।

वहीं, बरेली में राजा भैया की पार्टी (जनसत्ता दल लोकतांत्रिक) ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपकर मेयर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के सवाल पर बरसे सपा प्रमुख लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि विपक्ष को किसी भी कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी जाती, जबकि बरेली के मेयर बिना अनुमति इतना बड़ा आयोजन कर लेते हैं, जिसमें भगदड़ मचने से एक महिला की जान चली गई।

इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "जैसे पुलिस विपक्ष के लिए बुलडोजर तैयार रखती है, वैसे ही मेयर पर मुकदमा लिखकर उन्हें सीधे जेल भेज देना चाहिए।

वह बहुत ही बेईमान मेयर हैं।" बरेली क्लब ग्राउंड में जुटाया गया था भारी हुजूम घटना 27 अगस्त की है, जब बरेली के कैंट थाना क्षेत्र स्थित अक्षर विहार तालाब के पास बरेली क्लब ग्राउंड में मेयर ने रक्षाबंधन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया था।

आयोजन के लिए जर्मन हैंगर टेंट लगाया गया था और करीब 20 हजार महिलाओं को राखी बांधने के लिए कूपन बांटे गए थे। महिलाओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर पहुंची थीं।

तोहफे और हेल्थ कार्ड के दौरान बेकाबू हुई भीड़ कार्यक्रम के लिए एक भव्य मंच तैयार कराया गया था, जिस पर मेयर और उनके बेटे पार्थ गौतम मौजूद थे। महिलाएं कतार में लगकर दोनों को राखी बांध रही थीं।

राखी बांधने के बदले सभी महिलाओं को उपहार में एक-एक साड़ी और मेयर के 'मिशन हॉस्पिटल' का हेल्थ कार्ड दिया जा रहा था, जिसके जरिए मुफ्त इलाज का दावा किया गया था। शुरुआत में सब ठीक चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे भीड़ काफी बढ़ गई।

उपहार लेने की होड़ में बड़ी संख्या में महिलाएं मंच पर चढ़ने लगीं और नीचे भी पैर रखने तक की जगह नहीं बची। धक्का-मुक्की में महिला की मौत से बिगड़े हालात भीड़ अत्यधिक बढ़ने से अचानक स्थिति बिगड़ गई और धक्का-मुक्की में कई महिलाएं नीचे गिर गईं।

आनन-फानन में घायल महिलाओं को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश महिलाएं घर लौट गईं। हालांकि, एक भाजपा पदाधिकारी की 45 वर्षीय मामी मधु भीड़ के पैरों तले दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें मेयर के मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इसके बाद से ही मामला पूरी तरह गरमा गया। मेयर ने घटना और मौत के दावों को नकारा वहीं, रक्षाबंधन कार्यक्रम में भगदड़ और महिला की मौत के आरोपों पर मेयर उमेश गौतम ने सफाई दी है। उनका कहना है कि कार्यक्रम में किसी तरह की भगदड़ नहीं मची थी और न ही इस दौरान किसी महिला की मौत हुई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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