मिर्जापुर में 36 साल पुराना विवाद सुलह से खत्म:राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.54 लाख मामले निपटे, 9.19 करोड़ का मुआवजा मिला
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मिर्जापुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसमें कुल 2,54,642 मामलों का समाधान किया गया। इस दौरान 12,70,405 रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं, मृतकों और घायलों को मोटर दुर्घटना मुआवजे के तौर पर करीब 9,19,80,360 रुपए का अवार्ड दिया गया। यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित हुई थी।
इसकी शुरुआत जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने की। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम और सचिव आनंद कुमार भी मौजूद थे। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अभयराज सिंह समेत कई न्यायिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माला पहनाई और दीप जलाए।
इस लोक अदालत की सबसे खास बात 36 साल पुराने एक विवाद का निपटारा रहा। अपर जनपद न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने 1990 से चल रहे इस मुकदमे को सुलह-समझौते से खत्म कराया। इसके अलावा, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह ने 20 साल से ज्यादा पुराने दो और 10 साल से ज्यादा पुराने नौ मामलों को भी सुलझाया।
लोक अदालत में आपराधिक, दीवानी, वैवाहिक और पारिवारिक विवादों का समाधान हुआ। मोटर दुर्घटना मुआवजे, बैंक लोन, बिजली बिल और राजस्व से जुड़े कई प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलझाया गया। सचिव आनंद कुमार ने बताया कि लोक अदालत का मकसद सिर्फ मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों को न्यायसंगत और आपसी सहमति से समाधान देना है।
इससे लोगों का समय और पैसा बचता है, साथ ही उनके आपसी रिश्ते भी खराब नहीं होते।
📡 स्रोत: NewsData.io