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'मिशन लाइफ' योजना से पर्यावरण संरक्षण को मिला बल, साहिबगंज में 5 लाख से अधिक पौधरोपण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
'मिशन लाइफ' योजना से पर्यावरण संरक्षण को मिला बल, साहिबगंज में 5 लाख से अधिक पौधरोपण

'मिशन लाइफ' योजना से पर्यावरण संरक्षण को मिला बल, साहिबगंज में 5 लाख से अधिक पौधों का हुआ रोपण, 50 हजार से ज्यादा पौधों के रोपण से मृदा अपरदन पर लगी रोक , वन्यजीवों को मिला आश्रय और ग्रामीणों को मिला रोजगार।

Short Headline: 'मिशन लाइफ' योजना से पर्यावरण संरक्षण को मिला बल, साहिबगंज में 5 लाख से अधिक पौधरोपण

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'मिशन लाइफ' योजना से पर्यावरण संरक्षण को मिला बल

जिले में 5 लाख से अधिक पौधों का हुआ रोपण

50 हजार से ज्यादा पौधों के रोपण से मृदा अपरदन पर लगी रोक

वन्यजीवों को मिला आश्रय और ग्रामीणों को मिला रोजगार

एंकर 'मिशन लाइफ' पर्यावरण और इसके अंतर्गत आने वाली समस्त जैविक और प्राकृतिक व्यवस्थाओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित एक जन-अभियान है। इसी कड़ी में साहिबगंज में 'मिशन लाइफ' के अंतर्गत इस वर्ष बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका और रोजगार से जोड़ने की पहल की गई है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. साहिबगंज जिले में 'मिशन लाइफ' अभियान के तहत पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। इस वर्ष जिले के अलग-अलग फॉरेस्ट रेंज में 5 लाख से अधिक छायादार, फलदार और काष्ठीय पौधे लगाए गए हैं। साहिबगंज के वन प्रमंडल अधिकारी प्रबल गर्ग ने बताया कि इस अभियान से जिले के पारिस्थितिकी तंत्र पर बेहद सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।

बाइट: प्रबल गर्ग, वन प्रमंडल अधिकारी (DFO), साहिबगंज

वीओ 02. साहिबगंज जिले के तालझारी प्रखंड अंतर्गत राधाकृष्णपुर में ही इस वर्ष 50 हजार से अधिक पौधे रोपे गए हैं। तालझारी के सब बीट ऑफिसर प्रेम साह और स्थानीय गार्ड अन्नू मरांडी ने बताया कि इस पहाड़ी इलाके में सरकार की इस व्यवस्था से आदिम जनजाति के परिवारों को अपने घर के समीप ही रोजगार का स्थायी जरिया मिल गया है।

बाइट: प्रेम साह, सब बीट ऑफिसर (S.B.O.), तालझारी, साहिबगंज

बाइट: अन्नू मरांडी, स्थानीय वन गार्ड, तालझारी

वीओ 03. वन विभाग की ओर से आम, सखुआ, केंदू और बांस जैसे बहुउपयोगी पौधे लगाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीण सखुआ और केंदू के पत्तों से दोना-पत्तल और बांस से सूप व डलिया बनाकर बाजारों में बेच रहे हैं, जिससे उनके परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।

बाइट: चुन्ना हांसदा, स्थानीय ग्रामीण, राधाकृष्णपुर

बाइट: फूलवंती मरांडी, स्थानीय ग्रामीण, राधाकृष्णपुर

अंतिम वीओ बहरहाल, साहिबगंज में पर्यावरण संरक्षण, मृदा संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वावलंबी बनाती केंद्र सरकार की 'मिशन लाइफ' योजना आज और आने वाले कल के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

साहिबगंज से आनंद कुमार ओझा की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।