राज्य

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा निगरानी को मिल रहा बढ़ावा: जितेंद्र सांजटा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा निगरानी को मिल रहा बढ़ावा: जितेंद्र सांजटा

अगस्त 10, शिमला (हिमाचल प्रदेश): संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा)-सह-निदेशक, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन, हिमाचल प्रदेश जितेंद्र सांजटा, आईएएस ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम जनता को खाद्य मिलावट के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा पांच मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (MFTL) वैन संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में ये मोबाइल वैन शिमला, सोलन, कुल्लू, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में कार्यरत हैं। इन वैन के माध्यम से आम जनता, खाद्य कारोबार संचालकों तथा अन्य हितधारकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच करवाने की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

जितेंद्र सांजटा ने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की जाती है। इनमें टीपीसी मीटर एवं एसिड वैल्यू के माध्यम से खाद्य तेल की जांच, रिफ्रैक्टोमीटर से TSS (Total Soluble Solids) एवं शुगर की जांच, आयोडीन व स्टार्च की जांच तथा पानी की पीएच आधारित जांच प्रमुख हैं।

इन जांचों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा संभावित मिलावट संबंधी मामलों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएफटीएल पहल के माध्यम से प्रदेश में फील्ड स्तर पर सैंपलिंग और खाद्य पदार्थों की जांच में भी तेजी आई है। अब तक इन सुविधाओं के माध्यम से कुल 1,579 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए हैं।

इनमें बिलासपुर से 486, कुल्लू से 62, सिरमौर से 511 तथा सोलन से 520 नमूने शामिल हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर की जा रही सैंपलिंग से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आम जनता में खाद्य गुणवत्ता और मिलावट के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

जितेंद्र सांजटा ने आम जनता से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है और इस दिशा में जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। विभाग का लक्ष्य “स्वस्थ हिमाचल के लिए सुरक्षित भोजन” सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि एमएफटीएल वैन का जिला-वार रोस्टर एवं जांच शिविरों का कार्यक्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। लोग निर्धारित तिथि और स्थान की जानकारी प्राप्त कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा शिकायत के लिए जनता एफएसएसएआई हेल्पलाइन नंबर 76499-00015 पर संपर्क कर सकती है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।