'मोदी के भारत की मजबूत "कन्वेनिंग पावर"', ब्रिक्स समिट की सफलता पर बोले जयशंकर
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ब्रिक्स समिट की सफलता पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा है कि पूरे देश और दुनिया ने कल ब्रिक्स इंडिया समिट 2026 की सफलता देखी.
इसमें 32 प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए. 11 सदस्य देश, 10 पार्टनर देश, 4 रिजनल ऑर्गेनाइजेशन और 7 इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन शामिल हुए थे.
विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'सबसे पहली और अहम बात मोदी के भारत की मजबूत 'कन्वेनिंग पावर' है, क्योंकि इनमें से ज्यादातर का प्रतिनिधित्व राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख स्तर पर किया गया था.
यह समझना जरूरी है कि यह BRICS समिट एक ऐसी दुनिया में हो रही थी जो बहुत बंटी हुई है, जहां दो बड़े संघर्ष चल रहे हैं. गहरी दूरियां हैं. लोगों की राय और हित बहुत अलग-अलग और मजबूत हैं. और हमने क्या किया?'
ऐसे माहौल में भी हमने सहमति बनाई
विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'इस बंटवारे के माहौल के बावजूद, हमने एक आम सहमति बनाई कि हम उस मुद्दे पर बात करेंगे जो उस समय का सबसे मुश्किल मुद्दा था.
वेस्ट एशिया या मिडिल ईस्ट का संघर्ष। हम एक ऐसा बयान जारी करने में सफल रहे जिस पर सभी सहमत थे.
एक ऐसा बयान जिसमें शांति, सुरक्षा, स्थिरता, लंबे समय की समझ, ग्लोबल ट्रेड (वैश्विक व्यापार) के सुचारू प्रवाह, सप्लाई चेन, ऊर्जा और नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का आग्रह किया गया था.'
विदेश मंत्री ने बताया, 'अब, बात सिर्फ इतनी नहीं थी कि हम बंटी हुई दुनिया में आपसी समझ बनाने में कामयाब रहे.
असल में, समिट का पूरा माहौल, उसका मिजाज और भावना ऐसी थी कि बातचीत बहुत खुली और सहज रही.
ऐसे नेता भी मिले जो शायद दूसरे हालात में नहीं मिलते, लेकिन इस समिट के दौरान वे मिले.
इसका नतीजा यह हुआ कि आज हमने अहम मुद्दों पर ग्लोबल बातचीत में बड़ा योगदान दिया.'
आतंकवाद के मुद्दे पर क्या बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर?
इसके अलावा विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं एक और बात कहना चाहता हूं, जिस पर बनी सहमति बहुत अहम थी.
वह मुद्दा था आतंकवाद.
ब्रिक्स का रुख बिल्कुल साफ था कि आतंकवाद का कोई भी क
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के ब्रिक्स समिट 2026 की सफलता पर दिए बयान के बारे में है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार की ‘कन्वेनिंग पावर’ पर जोर दिया है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिक्स एक वैश्विक आर्थिक गठबंधन है, और भारत की भूमिका इसे विश्व मंच पर और ऊँचाई पर ले जा सकती है। इस समिट में 32 प्रतिनिधिमंडल और 22 सदस्य तथा पार्टनर देशों ने भाग लिया, जो भारत के बहुपक्षीय सहयोग को दर्शाता है। आम जनता पर इसका असर बढ़ती विदेशी निवेश, रोजगार के अवसर और वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती प्रतिष