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मोदी चालीसा का पाठ करने वाला किन्नर कल्याण बोर्ड भंग:PM को राम बताकर आरती की थी; पटना में मोदी के मंदिर की परमीशन मांगी थी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मोदी चालीसा का पाठ करने वाला किन्नर कल्याण बोर्ड भंग:PM को राम बताकर आरती की थी; पटना में मोदी के मंदिर की परमीशन मांगी थी

बिहार सरकार ने राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड यानी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है। समाज कल्याण विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही बोर्ड में मनोनीत और सरकारी सदस्यों की सदस्यता/मनोयन भी समाप्त कर दिया गया है। सरकार अब केंद्र के नए कानून में हुए बदलावों के अनुसार बोर्ड का नए सिरे से गठन करेगी।

बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड कई दिनों से पटना में मोदी का मंदिर बनाने की मांग कर रहा था। 8 दिन पहले बोर्ड के सदस्यों ने दिल्ली प्रेस क्लब में मोदी चालीसा का पाठ भी किया था।

सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार ने 30 मार्च 2026 को ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ अधिसूचित किया है। इस संशोधन के बाद बदले हुए प्रावधानों और राज्य में रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड का पुनर्गठन जरूरी हो गया है।

अगस्त 2025 में ही 3 साल के लिए बना था बोर्ड बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड गठन नियमावली, 2015 के तहत किया गया था। राज्य सरकार ने 7 अगस्त 2025 की अधिसूचना के जरिए बोर्ड को तीन साल के लिए पुनर्गठित किया था। यानी मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।

इसके बावजूद सरकार ने नए केंद्रीय संशोधन कानून का हवाला देते हुए मौजूदा बोर्ड के सभी मनोनयन समाप्त करने का फैसला लिया है। सरकार ने क्या कहा? समाज कल्याण विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र के नए संशोधन कानून के बाद बदलते कानूनी और सामाजिक माहौल को देखते हुए बोर्ड की संरचना में बदलाव जरूरी है।

सरकार का कहना है कि नए बोर्ड में राज्य में रहने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसी उद्देश्य से मौजूदा बोर्ड का पुनर्गठन किया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा बोर्ड में मनोनीत और सरकारी सदस्यों की सदस्यता/मनोयन समाप्त कर दिया गया है। क्या था ‘मोदी मंदिर’ विवाद?

बोर्ड के भंग होने के बीच इसके साथ जुड़ा एक विवाद भी काफी चर्चा में रहा। जुलाई 2026 में बोर्ड की पहली औपचारिक बैठक के दौरान बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष और सदस्य डॉ. राजन सिंह की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाने का प्रस्ताव सामने आने की खबर आई थी। बताया गया कि प्रस्ताव में

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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