मोदी जी के संकल्प और व्यापारी समाज के साथ से विकसित बनेगा भारत : विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर’

मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि व्यापार और व्यवसाय किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। व्यापार बढ़े, व्यवसाय बढ़े और व्यापारियों के सामने आने वाली कठिनाइयों एवं रुकावटों का निराकरण होना आवश्यक है।
हर बड़े सुधार के पीछे स्पष्ट संकल्प, साफ नीयत और अच्छी नीति की आवश्यकता होती है। व्यापारियों की कठिनाइयां दूर करने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी जैसे कर सुधार ले कर आए।
यह बात ओर है कि इस प्रक्रिया के आरंभ में कुछ कठिनाइयां आईं लेकिन यह सिद्ध हुआ कि कठिनाई देश के व्यापक हित के लिए हो तो व्यापारी समाज और देश की जनता दोनों उसका सहयोग करते हैं। ऐसे ही पीएम मोदी जी संकल्प और व्यापारी समाज का साथ मिल कर विकसित भारत बनाएंगे।
श्री तोमर आज विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभागार में आयोजित कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के व्यापारिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया और लोकल फॉर वोकल के माध्यम से देश के सामने आत्मनिर्भरता का बड़ा विचार रखा है।
मेक इन इंडिया केवल नारा नहीं, बल्कि एक विचार और जज्बा है, जिसे साकार करने के लिए संकल्प और परिश्रम की आवश्यकता है। “लोकल फॉर वोकल” का अर्थ केवल त्योहार पर स्थानीय उत्पाद खरीद लेना नहीं है।
इसका व्यापक अर्थ स्थानीय उत्पादों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि एक समय भारत में रेलवे के डिब्बों के अनेक पुर्जे विदेशों से आयात किए जाते थे। आज देश में वंदे भारत जैसी ट्रेनों का निर्माण हो रहा है।
यह भारत की तकनीकी क्षमता, आत्मविश्वास और स्वदेशी शक्ति का उदाहरण है। देश की यह उपलब्धि सरकार के प्रयासों के साथ उद्योग और व्यापार जगत के योगदान का भी परिणाम है। जनधन योजना और स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से विकास केवल बड़े उद्योगों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है।
विकसित भारत के निर्माण में गाँव में बैठे गरीब व्यक्ति, छोटे व्यापारी, किसान, श्रमिक और सामान्य नागरिक सभी की भागीदारी आवश्यक है। कई बार छोटा व्यापारी सोचता है कि उसके अकेले के प्रयास से क्या बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है।
देश में बड़ा परिवर्तन तभी संभव है, जब छोटे से छोटा व्यक्ति भी अपनी जिम्मेदारी समझकर उसमें योगदान दे।