मोदी सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग को केंद्र में रखकर बनाई योजनाएं: डॉ. सिकंदर कुमार
अगस्त 21, शिमला (हिमाचल प्रदेश): राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार ने आज भाजपा महासू जिला के विभिन्न प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई हैं। केंद्र सरकार की नीतियों का मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखें, बल्कि घर-घर जाकर लाभार्थियों एवं आम नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करें।
डॉ. सिकंदर कुमार ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के रवैये पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान किसी राजनीतिक दल या विचारधारा का विषय नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रगौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत की।
ऐसे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् हमारे स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कांग्रेस को राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय स्पष्ट रूप से राष्ट्रहित के साथ खड़ा होना चाहिए।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती केवल हथियारबंद हिंसा तक सीमित नहीं है। हिंसा को वैचारिक समर्थन देने, लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और युवाओं को कट्टर विचारधारा की ओर ले जाने वाली प्रवृत्तियों के प्रति भी समाज को सजग रहना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सुरक्षा के साथ-साथ विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था सर्वोपरि है। वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा अथवा हिंसक विचारधारा को किसी भी रूप में समर्थन नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित, संगठन की विचारधारा और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक लेकर जाएं। बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पदाधिकारियों ने मंडल स्तर तक प्रकोष्ठों की गतिविधियां बढ़ाने, नियमित बैठकें आयोजित करने और जनसंपर्क को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।