मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा
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नवंबर 07, नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इसके साथ ही उनके 12 साल लंबे टेस्ट करियर का अंत हो गया। शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए। छत्तीस वर्षीय शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। वह 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अपने संन्यास की जानकारी दी। शमी ने कहा कि ''मैं सफेद जर्सी को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों को कभी नहीं छोड़ सकता। जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरे मन में सिर्फ एक सपना था- अपने देश के लिए कुछ कर दिखाना।
इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया।उन्होंने कहा, टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा है। आज भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं।''हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वनडे और टी-20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे।
शमी ने छह नवंबर 2013 को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। इसके बाद चोटों के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय तेज गेंदबाजी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। 12 वर्षों में उन्होंने 64 मैचों में 229 विकेट लिए, जिससे वे भारतीय गेंदबाजों की पंक्ति में एक सम्मानित नाम बने। यह खबर इसलिए खास है क्योंकि शमी ने 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम में जगह नहीं बना पाई, और अब उनका करियर समाप्त हो गया है। उनके जाने से भारतीय टीम को नई पीढ़ी के तेज गेंदबाजों को मौका मिलेगा, और प्रशंसकों को उनके खेल के अनुभव की कमी महसूस होगी।