भोपाल

MP में 12 पेंशन-सहायता योजनाओं से 57.56 लाख हितग्राही लाभान्वित, DBT से खातों में पहुंच रही राशि

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
MP में 12 पेंशन-सहायता योजनाओं से 57.56 लाख हितग्राही लाभान्वित, DBT से खातों में पहुंच रही राशि

भोपाल। मध्य प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सहायता योजनाओं के जरिए वृद्धजनों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग के अनुसार प्रदेश में 12 पेंशन एवं सहायता योजनाओं के तहत 57 लाख 56 हजार 334 पात्र हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि अंतरित करते हैं। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक सहायता राशि समय पर पहुंचाना है।

इन योजनाओं में मिल रहा लाभ

विभाग के आयुक्त के. जी. तिवारी के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 15 लाख 75 हजार 79, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 5 लाख 46 हजार 920 और राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना में 84 हजार 623 हितग्राही लाभान्वित हैं।

वहीं, समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 18 लाख 63 हजार 632 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन योजना में 15 लाख 29 हजार 490 हितग्राही लाभ ले रहे हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री अविवाहित पेंशन में 3 हजार 992, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन में 63 हजार 590 और बहुदिव्यांग एवं बौद्धिक दिव्यांग सहायता अनुदान में 82 हजार 143 हितग्राही शामिल हैं।

सहायता योजनाओं में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के 1 हजार 413, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के 4 हजार 908, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के 340 और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के 204 हितग्राही शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि पेंशन और सहायता राशि से जरूरतमंद परिवारों को दैनिक खर्चों में आर्थिक मदद मिल रही है। राज्य सरकार के अनुसार, पात्र हितग्राहियों तक सहायता समय पर पहुंचाने और कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।