मुहूर्त ट्रेडिंग: आज सिर्फ 1 घंटे के लिए खुलेगा बाजार, नोट कर लें कमाई का शुभ समय!
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हर बार की रह इस बार भी दीवाली (लक्ष्मी पूजन) के मौके पर शेयर बाजार में कुछ देर के लिए मुर्हूत ट्रेडिंग होगी.
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क NSE और BSE ने भी मुर्हूत ट्रेडिंग के लिए टाइमिंग का ऐलान कर दिया है. इस खास मौके पर निवेशक अपनी किस्मत आजमाने के लिए दांव लगाने को तैयार हैं.
बता दें कि आज रविवार, 8 नवंबर को यह स्पेशल ट्रेडिंग सेशन दोपहर 2:20 बजे से लेकर 3:30 बजे तक चलेगा.
वैसे तो शेयर बाजार रविवार को नियमित रूप से बंद रहता है, लेकिन चूंकि मुर्हूत ट्रेडिंग को शुभ माना जाता रहा है इसलिए रविवार होने के बावजूद एक घंटे के लिए बाजार खुला रहेगा.
यह एक 70 साल पुरानी परंपरा है.
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत BSE ने साल 1957 में की थी, जबकि NSE इसे 1992 से लगातार आयोजित कर रहा है.
पारंपरिक व्यापारी इसे 'चोपड़ा पूजन' (खाता बही की पूजा) के आधुनिक रूप में देखते हैं.
आज रखे गए इसी ट्रेडिंग के साथ नए हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 की शुरुआत हो रही है.
क्यों खास है मुर्हूत ट्रेडिंग?
पहले के जमाने में दीवाली वाले दिन कारोबारी लक्ष्मी पूजन के साथ-साथ अपने नए लाल बही-खाते की भी पूजा करते थे, जिसे 'चोपड़ा' कहा जाता था.
आज डिजिटलाइजेशन के इस नए दौर में कारोबारी और नए निवेशक ट्रेडिंग टर्मिनल, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन पर स्वास्तिक बनाकर या तिलक लगाकर पूजा करते हैं और फिर पहला ऑर्डर डालते हैं.
इसे आप एक तरह से मॉर्डन जमाने का फाइनेंशियल इवेंट समझ सकते हैं.
मुर्हूत ट्रेडिंग में बेशक मुनाफे की तो उम्मीद रहती ही है, लेकिन उससे भी ज्यादा 'शगुन' की अहमियत रहती है.
ऐसी मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में किया गया निवेश साल भर समृद्धि और बरकत लेकर आता है.
यही वजह है कि आज के दिन लोग केवल 1 शेयर खरीदकर भी इस परंपरा का हिस्सा बनते हैं.
वैसे भी इतिहास गवाह है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन बाजार आम तौर पर हरे निशान पर बंद होता है.
हालांकि, कम समय के लिए कारोबार होने की वजह से शेयरों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी देखी जा सकती है.
मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम-टेबल
ब्लॉक डील स
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar