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मूक-बधिर विद्यालय में सांकेतिक भाषा में गूंजा गांधीजी का संदेश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मूक-बधिर विद्यालय में सांकेतिक भाषा में गूंजा गांधीजी का संदेश

बीकानेर के राजकीय मूक-बधिर विद्यालय में गांधी जयंती पर विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा और झांकियों से सत्य-अहिंसा का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने चरखा, दांडी मार्च और गांधीजी के जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत कर समारोह को खास बनाया।

बीकानेर, 02 अक्टूबर। गांधी जयंती के अवसर पर बीकानेर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मूक-बधिर में विशेष समारोह आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा और आकर्षक झांकियों के माध्यम से महात्मा गांधी के जीवन, उनके सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को जीवंत किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने चरखा और दांडी मार्च जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों की प्रस्तुतियों के जरिए गांधीजी के विचारों और संघर्ष को प्रभावी ढंग से सामने रखा। सांकेतिक भाषा के माध्यम से दिए गए संदेश ने समारोह को विशेष रूप से संवेदनशील और प्रेरणादायी बना दिया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रेणु वर्मा ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के विचारों और जीवन-दर्शन से परिचित कराया। वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती सुनीता गुलाटी ने गांधीजी की जीवनी एवं उनके विचारों पर प्रकाश डाला। वहीं श्रीमती रेखा गौड़ ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से गांधीजी के विचारों और संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई ‘हे राम’ की मानव आकृति रही। इस प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके सत्य, अहिंसा तथा शांति के संदेश को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।