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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन:जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर घेरने जाएंगे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन:जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी दफ्तर घेरने जाएंगे

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर 28 सितंबर को भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता पीसीसी से लेकर अरेरा हिल्स स्थित निर्वाचन सदन तक मार्च करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।

इसमें विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और भोपाल शहर-ग्रामीण के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने की बात कांग्रेस ने कही है। आंदोलन की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की वह रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची और SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।

चुनाव आयोग ने बाद में कहा कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। घेराव की यह है वजह कांग्रेस का मुख्य आरोप SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर है। पार्टी का कहना है कि मध्यप्रदेश में अंतिम मतदाता सूची में 34 लाख 25 हजार 78 नाम कम हुए हैं।

कांग्रेस इन नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। पटवारी के मुताबिक- SIR से पहले प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता दर्ज थे। ड्राफ्ट प्रक्रिया में 42 लाख 74 हजार 160 नाम बाहर हुए, जबकि दावे-आपत्तियों के बाद 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम सूची में 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हुए।

कांग्रेस की मुख्य मांगें कांग्रेस का आंदोलन सिर्फ SIR के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। पार्टी की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है। कांग्रेस ने SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। पटवारी ने कहा है कि जांच में आपराधिक कृत्य सामने आने पर FIR और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।इसके साथ कांग्रेस चाहती है कि अंतिम सूची से हटाए गए 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार ब्योरा, ड्राफ्ट में बाहर हुए 42.74 लाख नामों में से बहाल हुए नामों की जानकारी और नाम बहाली के आवेदनों को स्वीकार या खारिज करने के कारण सार्वजनिक किए जाएं।

पुलिस करेगी बैरिकेडिंग कांग्रेसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के तीनों तरफ से सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखेगी। सिंधु भवन के आगे, रेडक्रॉस् हॉस्पिटल के सामने और व्यापमं चौराहे पर पुलिस बैरिकेडिंग कर अमले को तैनात करके रखेगी।

इसके साथ ही निर्वाचन सदन यानी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सामने और आसपास भी पुलिस बैरिकेडिंग कर कई लेयर की सुरक्षा व्यवस्था रखेगी। सीएम बोले: कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं कांग्रेस के CEO ऑफिस घेराव को लेकर सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा- ये और दुर्भाग्य की बात है जब इलेक्शन कमीशन ने स्पष्ट कर दिया आप उसके बाद ये कर रहे हो।

इसका मतलब ये है कि आप न सुप्रीम कोर्ट को मान रहे हो, न चुनाव आयोग को मान रहे। आप पार्लियामेंट को नहीं चलने देते हो। आप संसद के प्रति भी सवाल उठा रहे हो। इसका मतलब आप इस देश के लोकतंत्र के प्रति आपके मन में क्या भावना है?

आप क्या प्रकट करना चाहते हो। सरकार और अधिकारियों के साथ जो व्यवहार करते हो वो किसी से छिपा नहीं है। आप लोकतंत्र के महत्वपूर्ण पिलर्स को तोड़कर आप कहां जाना चाहते हो। दुनिया में सबसे खूबसूरती से अगर हमारा लोकतंत्र बचा हुआ है। तो उसके कारण है कि हमारा सुप्रीम कोर्ट, हमारा इलेक्शन कमीशन, जनता और चुनाव की व्यवस्था मजबूत है। ऐसे में राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर राहुल गांधी को ऐसे व्यवहार करने से रोकना चाहिए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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