मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ खोला मोर्चा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में रविवार को कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्वाचन आयोग के अन्य दो आयुक्तों संधू और जोशी की सहमति के बिना पिछले करीब 10 महीनों में कई महत्वपूर्ण निर्णय अकेले लिए, जिनमें मतदाताओं के नाम जोड़ने-काटने और निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली को दिल्ली में केंद्रीकृत करने से संबंधित निर्णय शामिल हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुसार महत्वपूर्ण निर्णय बहुमत अथवा सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा कथित रूप से एकतरफा निर्णय लिए गए। कांग्रेस का आरोप है कि इन निर्णयों से निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हुई और इसका राजनीतिक लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला।कांग्रेस नेताओं ने इसे संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा उनके द्वारा लिए गए निर्णयों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त करने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के अध्यक्ष समीर सिंह देव, उपाध्यक्ष रिपुजीत सिंह देव, प्रशांत विश्वास, छोटू बंगाली, महामंत्री अमित यादव, कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता, संजीत गुप्ता, मुन्ना बरदर, सचिव बुद्धदेव सिंह पोया, महामंत्री विश्वजीत सिंह देव, विकास गुप्ता, दीपक यादव, शिवम यादव, अरुण दास, राजेश, कृपाशंकर, रामकीर्तन राम, अख्तर खान, उमाशंकर गुप्ता, बांसदेव, राजा राम पोर्ते, राहुल विश्वास, बबलू कश्यप, वाशिम खान, गुलशन, शिवनाथ राम, जयप्रकाश यादव, शिवा एक्का, वर्जिनिया खलखो, पार्षद रीना कुजूर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश के खिलाफ आरोप लगाते कांग्रेसी पदाधिकारी व अन्य। एक सवाल के जवाब में हरिहर यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यदि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाता है तो यह अच्छा रहेगा।
उन्होंने सिंहदेव को सर्वमान्य नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व से संगठन को मजबूती मिल सकती है। वहीं जिले में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के निष्कासन, निलंबन और वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर हरिहर यादव ने कहा कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में फिलहाल इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हो रही है।
📡 स्रोत: NewsData.io