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मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना से आत्मनिर्भर बन रहे युवा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना से आत्मनिर्भर बन रहे युवा

मुख्यमंत्री SC-ST उद्यमी योजना से नवादा के संतु कुमार ने 10 लाख की सहायता से नमकीन प्लांट शुरू किया। आज वे खुद आत्मनिर्भर हैं और 7-8 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

03 नवंबर , नवादा (नवादा, बिहार) : समाज की आखिरी कतार में खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी उद्देश्य से बिहार सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना चलाई जा रही है।

वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता देकर उद्यमी बनाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उद्योग शुरू करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।

इस योजना ने नवादा के रहने वाले संतु कुमार की जिंदगी में भी बदलाव लाया है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद संतु नौकरी की तलाश में काफी भटके, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और उनका चयन हो गया।

इसके बाद उद्योग विभाग की ओर से उन्हें नमकीन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। योजना के तहत 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने के बाद संतु कुमार ने औद्योगिक परिसर के ग्राउंड में अपना नमकीन प्लांट स्थापित किया।

संतु कुमार बताते हैं कि शुरुआत में कुछ परेशानियां जरूर आईं, लेकिन धीरे-धीरे उनका कारोबार स्थापित हो गया। आज उनके प्लांट में 7 से 8 लोग काम कर रहे हैं और अपनी आजीविका चला रहे हैं।

संतु कुमार का मानना है कि युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी के पीछे ही नहीं भागना चाहिए, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि जहां नौकरी से एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है, वहीं एक उद्यमी खुद के साथ कई अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।

वहीं, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक का कहना है कि विकसित भारत के साथ विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना इसी दिशा में काम कर रही है। संतु कुमार को इस योजना के तहत 10 लाख रुपये की सहायता मिली, जिससे उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और आज वे आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।

संतु कुमार की यह कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले, तो युवा न केवल अपनी तकदीर बदल सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। यही आत्मनिर्भरता विकसित बिहार और विकसित भारत की नींव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।