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मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना को लेकर विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना को लेकर विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद

पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें पंचायत प्रतिनिधि : सुन्दर ठाकुर

मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना को लेकर विधायक ने पंचायत प्रतिनिधियों से किया संवाद

अगस्त 15, कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर कुल्लू विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुन्दर ठाकुर ने भुंतर तथा कुल्लू विकासखंडों के पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ बैठक एवं संवाद किया।

बैठक में भुंतर व कुल्लू ब्लॉक के पंचायत प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, ग्राम रोजगार सेवकों तथा पंचायत सचिवों ने भाग लिया। इस दौरान पंचायत स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान, योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजना से जोड़ने को लेकर चर्चा की गई। विधायक सुन्दर ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सहायता प्रदान करना है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का दायित्व है कि वे पात्र लोगों तक इस योजना की जानकारी और लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। बैठक में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के पात्रता मानदंडों तथा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले परिवारों की पहचान को लेकर भी जानकारी साझा की गई।

उन्होंने बताया कि ऐसे परिवार पात्रता के दायरे में आ सकते हैं, जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से 75,000 रुपये से कम हो तथा 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चे ही सदस्य हों अथवा जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध सदस्य हों और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो। इसके अलावा महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार, जिनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाएं शामिल हों तथा 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो, भी पात्रता मानदंडों में शामिल हैं।

योजना के तहत ऐसे परिवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके मुखिया 40 प्रतिशत दिव्यांगता से ग्रस्त हों। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के किसी वयस्क सदस्य ने वित्तीय वर्ष 2024-25 अथवा 2025-26 में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया हो, वे भी पात्रता के दायरे में आएंगे। गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों को भी मानदंडों में शामिल किया गया है।

ऐसे परिवार, जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया अथवा ऐसी किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके कारण वे स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो गए हैं, पात्र हो सकते हैं। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण स्थायी रूप से अशक्त या बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवार तथा भूमिहीन परिवार भी पात्रता सूची में शामिल हैं।

बैठक में जिला परिषद बरशैनी प्रवीन ठाकुर, बीडीसी अध्यक्ष भुन्तर राम प्रसाद, बीडीओ भुन्तर गौरव धीमान, बीडीओ कुल्लू लक्ष्मीकांत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

कैप्शन: विकासखंडों के पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ बैठक एवं संवाद करते हुए कुल्लु के विधायक सुन्दर ठाकुर

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

मुख्यमंत्री की योजनाओं के लाभ को सही ढंग से पहुँचाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। यदि किसी परिवार को योजना के लाभ में देरी या असमानता का सामना करना पड़े, तो वे पहले स्थानीय पंचायत से स्पष्टता माँगें, फिर यदि समाधान न मिले तो संबंधित सरकारी विभाग या लोकपाल से संपर्क करें। इस प्रक्रिया से न केवल न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।