मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा एवं उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मैं भगवान श्री महाकालेश्वर को प्रणाम करता हूं । आज उनकी नगरी में एक अद्भुत अलग प्रकार का दिन है। एक के बाद एक शहर को रोज एक नई सौगात मिल रही है । रोज नए प्रकार के विकास के कीर्तिमान बन रहे हैं ।
21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें चला करती थीं , फिर किसी कारण से सार्वजनिक परिवहन बसों को बंद करना पड़ा । हमने वह अभाव आज पूरा किया है। राज्य परिवहन निगम की बसें एक राज्य से दूसरे राज्य जाएंगी । शहर के अंदर नगरीय स्तर पर भी बसें चलाई जाएंगी । उज्जैन में धार्मिक पर्यटन केंद्र के लिए 10 बसों की सौगात मिल रही है। हम सब इसमें यात्रा करेंगे।
उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड एवं उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा।
इसका शुल्क ₹200 मात्र होगा , यूपीआई के माध्यम से पेमेंट कर सकेंगे । यह बसें पूर्ण रूप से जीरो एमिशन रहेंगी , इनसे पॉल्यूशन बिल्कुल नहीं होगा और यह इलेक्ट्रिकल चार्ज होंगी। यह मार्ग उज्जैन के प्रमुख मंदिरों एवं पौराणिक स्थलों को एक श्रृंखला में जोड़ेगा। उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है।
यात्री निर्धारित स्टॉप पर बस से उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल का दर्शन कर सकेंगे तथा दर्शन पूर्ण होने के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में यात्रा जारी रख सकेंगे। निर्धारित वैधता अवधि के दौरान एक ही टिकट पर यात्री मार्ग के विभिन्न स्टॉप से बस में चढ़ और उतर सकेंगे।
सभी प्रमुख मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों के निकट निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएंगे। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए बसों का संचालन नियमित अंतराल पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रमुख स्थल पर दर्शन एवं भ्रमण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
यह सेवा मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक ही सेवा से प्रमुख दर्शन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी।