मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गायत्री धाम में मलखंभ की रोमांचक प्रस्तुति का किया अवलोकन
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इस अवसर पर नन्हे खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत शारीरिक संतुलन, साहस, एकाग्रता और खेल कौशल से भारतीय पारंपरिक खेल मलखंभ की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत मलखंभ की विभिन्न विधाओं का अवलोकन किया तथा उनके साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा की सराहना की और उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मलखंभ का शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री निधि से ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, लगन एवं समर्पण की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय पारंपरिक खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए मलखंभ को शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक एकाग्रता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास विकसित करने वाला महत्वपूर्ण खेल बताया।
शरद उत्सव के अंतर्गत एकलव्य गुरुकुल गायत्री धाम एवं जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मलखंभ खेल प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इसमें एकलव्य गुरुकुल गायत्री धाम के कक्षा तीसरी से आठवीं तक के कुल 20 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने मलखंभ की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन करते हुए अपनी शारीरिक दक्षता, लचीलेपन, संतुलन और सामूहिक समन्वय का परिचय दिया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
गायत्री धाम में आयोजित मलखंभ प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों की उत्कृष्ट शारीरिक संतुलन और साहस का अवलोकन किया। मलखंभ, भारतीय पारंपरिक खेल, में खिलाड़ी एक पिंजरे पर खड़े होकर संतुलन बनाए रखते हैं, जो शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युवा प्रतिभा को मान्यता देती है और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देती है। इसके माध्यम से समाज में शारीरिक स्वास्थ्य, अनुशासन और पारंपरिक खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिससे बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और