राजनीति

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 130 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 130 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 130 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गोरखपुर महानगर के राप्तीनगर क्षेत्र में नवनिर्मित कल्याण मण्डपम का लोकार्पण किया गोरखपुर महानगर को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा, कल्याण मण्डपम इसी विकास प्रक्रिया में ‘ईज ऑफ लिविंग’ का महत्वपूर्ण उदाहरण : मुख्यमंत्री सामान्य एवं गरीब परिवारों के लिए कल्याण मण्डपम एक उत्तम, सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध कराता कल्याण मण्डपम में एक बड़ा सभागार, जिसमें लगभग 300 से 500 लोगों के बैठने की व्यवस्थ, एक छोटा सभागार, 06 अटैच कमरे और विशाल लॉन की व्यवस्था कोई भी नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार कल्याण मण्डपम बुक कराकर विवाह, मुण्डन, बैठक, सम्मेलन, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकता सरकार का उद्देश्य गोरखपुर महानगर के प्रत्येक क्षेत्र में नागरिकों को ऐसे सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना, जहां वे कम खर्च में अपने मांगलिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें पूर्वी उ0प्र0 में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मासूम बच्चों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनों, बेटियों और माताओं को उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम एवं नगर बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई अब 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही स्नातक अंतिम वर्ष में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं में से 50,000 छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी, इसका उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रोजगार एवं कौशल विकास क्षेत्र स्थापित करने का कार्य किया जा रहा प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारम्भ की, योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना प्रदेश में अब तक लगभग 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा चुकी, अगले एक वर्ष में 01 लाख अन्य युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान करने का लक्ष्य गोरखपुर महानगर का स्वरूप तेजी से बदला, शहर में 04 लेन और 06 लेन सड़कों का नेटवर्क विकसित हुआ रामगढ़ताल का कायाकल्प हो चुका, यह क्षेत्र पर्यटन और फिल्म शूटिंग के लिए आकर्षण का केन्द्र बन रहा गोरखपुर में बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज का उन्नयन हुआ, वहां सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध प्रदेश में बेटी, व्यापारी और आम नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल सरकार की विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बड़ी परियोजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना पर्व एवं त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता के प्रतीक, प्रदेश में अब सभी पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे लखनऊ : 29 अगस्त, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि विकास की प्रक्रिया को निरन्तर आगे बढ़ाते हुए गोरखपुर महानगर को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

कल्याण मण्डपम इसी विकास प्रक्रिया में ‘ईज ऑफ लिविंग’ का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। मुख्यमंत्री जी आज गोरखपुर में गोरखपुर नगर निगम एवं गोरखपुर विकास प्राधिकरण की 130 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 170 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर महानगर के राप्तीनगर क्षेत्र में नवनिर्मित कल्याण मण्डपम का लोकार्पण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राप्तीनगर में निर्मित कल्याण मण्डपम गोरखपुर महानगर का छठवां कल्याण मण्डपम है।

किसी भी व्यक्ति के जीवन में विवाह, मुण्डन संस्कार, पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजन महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। सामान्य एवं गरीब परिवारों के लिए महंगे होटलों में ऐसे आयोजन करना कठिन होता है। ऐसे में कल्याण मण्डपम उनके लिए एक उत्तम, सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध कराता है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस कल्याण मण्डपम में एक बड़ा सभागार है, जिसमें लगभग 300 से 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सकती है। इसके साथ ही यहां एक छोटा सभागार, 06 अटैच कमरे और विशाल लॉन की व्यवस्था है।

कोई भी नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार इसे बुक कराकर विवाह, मुण्डन, बैठक, सम्मेलन, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लगभग एक दशक पहले जिस स्थान पर यह कल्याण मण्डपम बना है, वहां लगभग डेढ़ से दो मीटर तक गहराई थी।

मिट्टी डालकर भूमि को समतल किया गया और आज उसी स्थान पर शानदार कल्याण मण्डपम तथा विशाल लॉन का निर्माण हुआ है। यह इस बात का उदाहरण है कि इच्छाशक्ति और बेहतर योजना के साथ किसी स्थान का कायाकल्प किस प्रकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस कल्याण मण्डपम के निर्माण में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की धनराशि विधायक निधि से उपलब्ध कराई गई, जबकि लगभग 70 लाख रुपये गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए हैं।

बाबा गम्भीरनाथ वॉर्ड के मानबेला, जंगल तुलसीराम पश्चिमी, जंगल तुलसीराम-बिछिया, माधवनगर मौजा जंगल बेनी माधव नम्बर-1 तथा उर्वरकनगर के नकहा आदि क्षेत्रों में कल्याण मण्डपम एवं कन्वेंशन सेण्टर के रूप में सुविधाएं विकसित की गई हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महानगर में 03 अन्य कल्याण मण्डपम निर्माणाधीन हैं और आने वाले समय में कुछ नए कल्याण मण्डपम भी स्वीकृत किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य है कि गोरखपुर महानगर के प्रत्येक क्षेत्र में नागरिकों को ऐसे सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हों, जहां वे कम खर्च में अपने मांगलिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अच्छी सरकार आने पर अच्छे कार्य इसी प्रकार आगे बढ़ते हैं।

वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क ज्वर को लेकर भय और दहशत का वातावरण रहता था।

गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोण्डा, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित अनेक जनपदों में लोग इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि पता नहीं इस बीमारी के कारण इस बार कितने मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ी त्रासदी और पीड़ादायक स्थिति क्या हो सकती है कि उनका बच्चा किसी गम्भीर बीमारी का शिकार हो जाए। इंसेफेलाइटिस की समस्या वर्ष 1977 से चली आ रही थी।

इस दौरान विभिन्न सरकारों को अवसर मिला, लेकिन इंसेफेलाइटिस की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब वह सांसद थे, तब भी उन्होंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और मुख्यमंत्री बनने के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि माफिया के साथ-साथ मच्छर और मच्छर के साथ बीमारी को भी समाप्त करना होगा। सरकार ने स्वच्छता, उपचार, रोकथाम, टीकाकरण और जनजागरूकता सहित विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कार्य किए।

इसका परिणाम है कि आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मासूम बच्चों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज माफिया मुक्त प्रदेश बन चुका है। जो भी व्यक्ति कानून को चुनौती देगा, उसके साथ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में अब पर्व एवं त्योहार शान्तिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे हैं। कहीं उपद्रव, अराजकता, गुण्डागर्दी और अव्यवस्था का वातावरण नहीं है। सर्वत्र सुरक्षा का माहौल है। यही कारण है कि आज प्रदेश के शहरों का स्वरूप बदला हुआ दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनों, बेटियों और माताओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम एवं नगर बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई।

रक्षाबंधन के अवसर पर लगभग 60 लाख बहनों, बेटियों और माताओं ने परिवहन निगम एवं नगर बसों से यात्रा कर अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं को भी परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है।

कोई माता काशी, प्रयागराज, माँ विंध्यवासिनी धाम अथवा माँ पाटेश्वरी धाम जाना चाहती है, तो वह बिना किराये के बस यात्रा कर सकेगी। ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सम्भव होती हैं, जब सरकार के पास पर्याप्त संसाधन हों और सरकार की प्राथमिकता समाज के अन्तिम व्यक्ति की सुविधा हो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और बेटियों के भविष्य को लेकर गम्भीरता से कार्य कर रही है। स्नातक अंतिम वर्ष में अध्ययनरत मेधावी छात्राओं में से 50,000 छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है।

सरकार की योजनाओं का केन्द्र युवा, महिला, किसान, गरीब और वंचित वर्ग है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अगले 02 महीनों के भीतर प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रोजगार एवं कौशल विकास क्षेत्र स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है।

इन केन्द्रों पर पहुंचकर युवा अपने कौशल का विकास कर सकेंगे और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि कोई युवा भारत में रोजगार करना चाहता है, तो उसे देश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य होगा।

यदि कोई युवा जापान, जर्मनी अथवा इजराइल जैसे देशों में रोजगार के लिए जाना चाहता है, तो उसकी दक्षता और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य भी प्रदेश सरकार करेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।

सड़कें खराब थीं, विद्यालय और महाविद्यालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, चिकित्सा सुविधाएं कमजोर थीं और युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं थे। बेटियों की शिक्षा तथा उनके विवाह को लेकर भी गरीब परिवारों के सामने बड़ी कठिनाइयां थीं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारम्भ की। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश में लगभग 05 लाख बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत कराया जा चुका है।

वर्तमान में इस योजना के तहत 01 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया है। अब तक लगभग 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा चुकी है।

अगले एक वर्ष के भीतर 01 लाख अन्य युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि युवाओं को रोजगार और बेटियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गोरखपुर महानगर का स्वरूप तेजी से बदला है।

शहर में 04 लेन और 06 लेन सड़कों का नेटवर्क विकसित हुआ है। ट्रांसपोर्ट नगर में भव्य फ्लाईओवर का निर्माण हुआ है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न सम्पर्क मार्गों ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति दी है।

आज गोरखपुर में विरासत गलियारा, कल्याण मण्डपम, उर्वरक कारखाना, विश्वविद्यालयों का विस्तार और पर्यटन की नई सम्भावनाएं दिखाई दे रही हैं। गोरखपुर को पर्यटन के नए केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक समय रामगढ़ताल के आसपास अपराध का वातावरण रहता था और लोग वहां जाने से डरते थे।

आज रामगढ़ताल का कायाकल्प हो चुका है। यह क्षेत्र पर्यटन और फिल्म शूटिंग के लिए आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना के माध्यम से जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। जल निकासी की बेहतर व्यवस्था से शहर को जलभराव से राहत मिली है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नगर निगम के माध्यम से सी0एम0 ग्रिड योजना के तहत आधुनिक एवं स्मार्ट सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। शहर में सी0सी0टी0वी0 कैमरों तथा एकीकृत कमाण्ड एवं कण्ट्रोल सेण्टर के माध्यम से विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

स्वच्छता, यातायात, सफाई व्यवस्था और आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे शहर के प्रशासनिक प्रबन्धन में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

गोरखपुर में बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज का उन्नयन हुआ है और वहां सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रीजनल वायरोलॉजी सेण्टर स्थापित हुआ है और एम्स गोरखपुर में चिकित्सा सेवाएं संचालित हो रही हैं।

देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और गोण्डा सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इससे लोगों को गम्भीर उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर महानगर में बाढ़ और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। आज शहर में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। सड़कें बेहतर हैं और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में बेटी, व्यापारी और आम नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

किसी भी प्रकार की अराजकता पैदा करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनता जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने से ऐसे लोगों से सतर्क रहे। पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार, अराजकता, दंगे और कर्फ्यू प्रदेश की पहचान बन गए थे।

गरीबों और व्यापारियों की जमीनों पर कब्जा करने वाले तत्वों को संरक्षण मिलता था। वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। डबल इंजन सरकार किसी गरीब का उत्पीड़न नहीं होने देगी। किसी दलित, वंचित या कमजोर वर्ग का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

किसी बेटी या व्यापारी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध करा रही है। बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता दे रही है और मांगलिक आयोजनों के लिए कल्याण मण्डपम जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

यह गरीब और सामान्य नागरिक के जीवन में ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने का प्रयास है। सरकार की विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बड़ी परियोजनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेशवासियों ने उत्साह के साथ मनाया है।

आगामी 04 सितम्बर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को पूरी भव्यता, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व एवं त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं।

प्रदेश में अब सभी पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री श्री संजय निषाद, गोरखपुर के सांसद श्री रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, विधायक श्री फतेह बहादुर सिंह, श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, श्री श्रीराम चौहान, श्री श्रवण कुमार निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। -------

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।